नोएडा में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन: बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ते हमलों के खिलाफ ज्ञापन
नोएडा। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर लगातार बढ़ते हमलों, मंदिरों को निशाना बनाए जाने, महिलाओं और बच्चों के साथ हो रही अमानवीय बर्बरता तथा भय के माहौल में कराए जा रहे जबरन पलायन के विरोध में आम आदमी पार्टी ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आप कार्यकर्ताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि हिंदुओं के खून पर खामोशी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। इस संदर्भ में आम आदमी पार्टी द्वारा राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी थाना सेक्टर-20 प्रभारी को सौंपा गया।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में हो रहे प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ कहा कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन भारत सरकार न तो कूटनीतिक दबाव बना रही है और न ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कोई ठोस पहल कर रही है। पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की यह चुप्पी अत्याचारियों के हौसले बढ़ा रही है और इससे बांग्लादेश में हालात और भयावह होते जा रहे हैं।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष परशुराम चौधरी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं का कत्लेआम हो रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आंख मूंदकर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ विदेश नीति की विफलता नहीं, बल्कि मानवता के खिलाफ अपराध है। जब एक ओर हिंदू मंदिर जलाए जा रहे हैं और निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं, तब दूसरी ओर भारत सरकार का मौन रहना नैतिक पतन का प्रतीक है। यदि अब भी केंद्र सरकार ने कठोर और निर्णायक कदम नहीं उठाए, तो आम आदमी पार्टी इस आंदोलन को और व्यापक और उग्र रूप देगी।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे खूनखराबे, मंदिरों के विध्वंस और महिलाओं-बच्चों पर जारी बर्बरता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी कोई भूल नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि यह चुप्पी अडानी के हजारों करोड़ रुपये के बिजली कारोबार की कीमत पर खरीदी गई है। जिस बांग्लादेश में हिंदुओं को चुन-चुनकर मारा जा रहा है, उसी बांग्लादेश को झारखंड से हिंदुस्तान की बिजली अडानी के जरिए सप्लाई की जा रही है और मुनाफे की गंगा बह रही है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश के साथ सभी व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध समाप्त करने, भारत से दी जा रही बिजली आपूर्ति पर तत्काल रोक लगाने तथा हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग उठाई। इस दौरान महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा।
