वाराणसी में 'मनरेगा बचाओ' मार्च पर बवाल: NSUI ने यूपी पुलिस पर लगाया लाठीचार्ज का आरोप; कई कार्यकर्ता हिरासत में
नयी दिल्ली। कांग्रेस से जुडे संगठन 'नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया' (एनएसयूआई) ने वाराणसी स्थित बनारस हिन्दू विश्विविद्यालय (बीएचयू ) में आयोजित मनरेगा बचाओ मार्च के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस पर बर्बरता और बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है। एनएसयूआई के अनुसार उत्तर प्रदेश पुलिस ने संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी सहित 35 छात्रों को गिरफ्तार किया। छात्रों पर लाठीचार्ज और दमनात्मक कार्रवाई के बाद छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं पर झूठे मामले भी दर्ज किए गए।
इस मामले में चौधरी ने बयान जारी कर कहा कि "मनरेगा देश के वंचित वर्गों, दलितों, आदिवासियों, जनजातियों और पिछड़े वर्गों के लिए जीवन-रेखा है। मोदी सरकार उनके रोजगार के अधिकार पर हमला कर रही है। हम बिल्कुल स्पष्ट हैं, आप चाहे जितनी ताकत या बर्बरता का इस्तेमाल कर लें, हम झुकने वाले नहीं हैं।"
उन्होंने कहा "रविवार के आंदोलन की तस्वीरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डर को उजागर करती हैं। वे छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध को भी बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं और जवाब में बल प्रयोग कर रहे हैं। यह सिर्फ मेरे खिलाफ पुलिस बर्बरता का मामला नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश में आम नागरिकों के साथ होने वाले रोज़मर्रा के दमन की सच्चाई को दिखाता है। चौधरी ने कहा लोकतंत्र पर इस तानाशाही हमले और मनरेगा पर निर्भर करोड़ों लोगों की आजीविका के खिलाफ एनएसयूआई देशव्यापी आंदोलन को और तेज़ करेगी।
