Tuesday, June 18, 2024

छत्तीसगढ़ में लारेंस बिश्नोई व अमन साहू गैंग के चार शूटर गिरफ्तार,कब्जे से एक पिस्टल, एक मैग्जीन बरामद

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पुलिस को रविवार को उस समय एक बड़ी कामयाबी मिली जब एक कोयला व्यापारी की हत्या करने आए लारेंस विश्नोई और अमन साहू गैंग के चार शूटरों को गिरफ्तार कर लिया।

 

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बताया जाता है कि बॉलीवुड सुपर स्टार सलमान खान के घर पर इसी गिरोह ने की थी गोलीबारी। कुख्यात गैंग के चार शूटरों को रायपुर और राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है। कोई 72 घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद चार अंतरराज्यीय शूटरों को गिरफ्तार किया गया। आरापियों के कब्जे से एक पिस्टल भी बरामद की गई है। बताया जा रहा है कि राजधानी में एक बड़े कारोबारी के द्वारा पैसे नहीं देने पर उसकी हत्या की प्लांनिग कर ये शूटर राजधानी रायपुर पहुंचे थे। उनकी योजना पूरी होने से पहले ही रायपुर पुलिस ने चारों को धर-दबोचा है। इस कार्रवाई में सबसे बड़ी बात ये है कि ये चारों शूटर झारखंड के कुख्यात गैंग अमन साहू के गुर्गे है।

 

बॉलीबुड अभिनेता सलमान के घर भी इसी गैंग के लोगों ने पूर्व में फायरिंग की थी। पकड़े गये शूटर्स अमन साहू और लॉरेंस बिश्नोई के कहने पर टार्गेट को अंजाम देते थे। वर्तमान में अमन साहू के गैंग को झारखंड निवासी मयंक सिंह मलेशिया में बैठकर ऑपरेट कर रहा है। आरोपियों ने बताया कि प्लानिंग के तहत मयंक सिंह जो झारखण्ड के अमन साहू गैंग को संचालित करता है, उसने रोहित स्वर्णकार निवासी बोकारो झारखण्ड को पहले पिस्टल के लिए मध्य-प्रदेश के इंदौर शहर भेजा। इंदौर के सेंधवा से अपने संपर्क के माध्यम से एक पिस्टल और एक मैगजीन उपलब्ध कराया गया। फिर मयंक ने ही रोहित को पिस्टल लेकर रायपुर पहुंचने को कहा। मयंक सिंह द्वारा राजस्थान के जिला पाली के ग्राम सारन में बैठे पप्पू सिंह को वारदात को अंजाम देने के लिये एक बाईक राईडर की व्यवस्था करने को कहा। पप्पू ने सारन निवासी मुकेश कुमार भाट और देवेन्द्र सिंह को वारदात के वक्त बाइक चलाने के लिये रायपुर रवाना किया। रोहित स्वर्णकार इंदौर के सेंधवा से पिस्टल लेकर उज्जैन में महाकाल के दर्शन कर ट्रेन से रायपुर पहुंचा।

 

 

इधर, मुकेश व देवेन्द्र बस के माध्यम से रायपुर पहुंचे। प्लानिंग के मुताबिक रायपुर पुलिस के जवान इन्हें चिन्हित करने सादे लिबास में शहर के संभावित स्थलों पर तैनात किये गये। सादे लिबास में पेट्रोलिंग की अलग पार्टियां तैनात की गई। सतत् मॉनिटरिंग के दौरान 72 घंटे के इस गोपनीय ऑपरेशन में एक आरोपी रोहित स्वर्णकार को गंज थाना क्षेत्र से पकड़ा गया, जिसके कब्जे से एक पिस्टल, एक मैग्जीन बरामद किया गया। साथ ही भाठगांव चौक में सादे लिबास में मौजूद टीम ने दो संदिग्धों को पकड़कर उनसे कड़ाई से पूछताछ की।

 

 

आरोपियों ने बताया कि राजस्थान से पप्पू द्वारा यहां फायरिंग के दौरान बाईक राईडिंग करने के लिये दोनों को भेजा गया था। साथ ही इस घटना के लिए शूटर को झारखण्ड से आना बताये।पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि रायपुर में हत्या की योजना मयंक सिंह और पप्पू सिंह ने साथ मिलकर बनायी थी। गैंग के शूटर और राईडर को एक-दूसरे से अपनी पहचान छिपाने नेट कॉलिंग से संपर्क और अलग-अलग कोड वर्ड से बातचीत करने को कहा गया था। मयंक ने रोहित को 29-29 कोड यूज करने तथा पप्पू ने मुकेश को राम-राम और जय माता दी कोड यूज करने कहा था। टॉरगेट रायपुर पहुंचने पर ही उपर से बताया जाता तथा गोली व बाईक की व्यवस्था मयंक द्वारा कराया जाता।

 

 

पूछताछ से प्राप्त सूचना पर तकनीकी समीक्षा पर आरोपी पप्पू का पाली सारन में रहकर गैंग को निर्देशित कर रहा था। यह सूचना मिलते ही रायपुर की एक स्पेशल टीम ने राजस्थान के जिला पाली के सारन गांव से पप्पू को बिना भनक लगे गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पूछताछ में मयंक सिंह को मलेशिया से इस योजना को ऑपरेट करना बताया है।

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