नई दिल्ली। कद्दू जैसा दिखने वाला कुम्हड़ा, जिसे आमतौर पर सफेद कद्दू, पेठा या खबहा भी कहा जाता है, सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है। यह न केवल स्वाद में हल्का और ताजगी देने वाला होता है, बल्कि इसके कई पोषक तत्व शरीर को लाभ पहुंचाते हैं।
सफेद कद्दू में विटामिन ए, बी 6, सी, और ई, साथ ही मैग्नीशियम, आयरन, फास्फोरस, फोलेट, नियासिन और थायमिन जैसे तत्व भी पाए जाते हैं। इसके अलावा, इसमें फाइटोस्टेरॉल की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह विशेष रूप से दिल की सेहत के लिए अच्छा है क्योंकि बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होने से हृदय रोगों का खतरा घटता है। कुम्हड़ा का एक और खास गुण यह है कि इसमें 95 प्रतिशत पानी होता है, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखने और डिटॉक्स करने में मदद करता है।
यही कारण है कि यह शरीर के भीतर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है। इसके सेवन से पाचन तंत्र को भी मजबूती मिलती है। सफेद कद्दू का सेवन पाइल्स जैसी समस्याओं के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें भरपूर फाइबर होता है, जो कब्ज और गैस जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। फाइबर की अधिकता भूख को नियंत्रित करने में मदद करती है और यह वजन घटाने में भी सहायक है, क्योंकि इसके सेवन से जंक फूड की क्रेविंग कम होती है। इसके अलावा, इसमें ल्यूटिन और जेक्सैन्थिन जैसे तत्व भी होते हैं, जो आंखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होते हैं।
यह तत्व आंखों को धूप की हानिकारक किरणों से बचाने, मोतियाबिंद को रोकने और दृष्टि सुधारने में मदद करते हैं। यदि आप नियमित रूप से सफेद कद्दू का सेवन करते हैं, तो इससे आपकी आंखें स्वस्थ रहती हैं और दृष्टि में सुधार होता है। कुम्हड़े (पेठा) का जूस खासकर खून की कमी से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए लाभकारी है। इसके जूस में आयरन की उच्च मात्रा होती है, जो खून की कमी को दूर करता है और शरीर में रेड ब्लड सेल्स की संख्या बढ़ाता है। यह शरीर में आयरन की कमी को पूरा करने में मदद करता है, जिससे खून की कमी से होने वाली परेशानियों से राहत मिलती है।
इसके सेवन से शरीर को ठंडक मिलती है, जो गर्मियों में बहुत फायदेमंद होती है। इसका जूस शरीर के अंदर से ठंडा रखता है और शरीर को शांत बनाए रखता है। इसके सेवन से एसिडिटी की समस्या भी दूर होती है और पाचन तंत्र मजबूत रहता है। सफेद कद्दू का जूस एसिडिटी, गैस और अपच जैसी समस्याओं में राहत देता है और पेट के अंदर के बैक्टीरिया को संतुलित करता है। कुम्हड़े का सेवन मानसिक स्वास्थ्य को भी फायदा पहुंचाता है। इसमें एल-ट्रिप्टोफैन नामक अमीनो एसिड होता है, जो डिप्रेशन से निपटने में मदद करता है। यह शरीर के द्वारा खुद से नहीं बनाया जा सकता, इसलिए इसे आहार से प्राप्त करना जरूरी होता है। सफेद कद्दू का सेवन मानसिक स्थिति को बेहतर करता है और तनाव को कम करने में सहायक होता है।
हालांकि, इसका सेवन सभी के लिए उचित नहीं होता। कुछ लोगों को इससे स्किन एलर्जी हो सकती है। यदि किसी व्यक्ति को कुम्हड़ा खाने के बाद त्वचा पर खुजली, जलन या दर्द महसूस हो तो उसे डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के लिए भी कुम्हड़ा के सेवन के बारे में चिकित्सीय सलाह ली जानी चाहिए, क्योंकि इसके पोषक तत्व कुछ मामलों में नुकसानदायक हो सकते हैं। यदि आप बढ़ते वजन या मोटापे से परेशान हैं, तो कुम्हड़ा आपके लिए सहायक साबित हो सकता है। इसमें एंटी-ओबेसिटी गुण होते हैं, जो वजन घटाने में मदद करते हैं।