मेरठ। गन्ना समिति के चुनाव को लेकर राजनीति गरमा रही है। एक तरफ भाजपा के पूर्व विधायक एआर कॉपरेटिव को धमकी दे रहे हैं तो दूसरी ओर किसानों ने थाने में धरना दे दिया है। परतापुर थाने में धरने पर बैठे किसानों के समर्थन में अब भारतीय किसान यूनियन भी आ गई है। थाने में धरना स्थल पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी पहुंचे हैं। भाकियू प्रवक्ता ने धरने को अनिश्चितकालीन तक चलने का ऐलान कर डाला। उन्होंने कहा कि जब कि किसानों के पर्चें स्वीकार नहीं किए जाते धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के दबाव में आकर गन्ना समिति के चुनाव में विपक्षी उम्मीदवारों और किसानों के पर्चे निरस्त कराए जा रहे हैं। भाकियू ऐसा नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमको चाहे जिलाधिकारी का आफिस घेरना पड़ै तो उसको भी करेंगे।
बता दें मेरठ के परतापुर थाने में किसान रात भर धरने पर रहे। किसानों ने थाने में कढ़ाई चढ़ाई और पूड़ी सब्जी बनाई। रात में एसएसपी मेरठ विपिन ताड़ा धरना स्थल पर पहुंचे और हाथ जोड़कर धरना समाप्त करने की अपील की थी। एसएसपी के हाथ जोड़ने का असर दिखाई दिया तो भाकियू के बड़े नेता मामले में कूद पड़े। जिसके बाद धरना स्थल पर किसान ट्रैक्टर ट्राली लेकर पहुंच गए। इसके बाद तो सड़क पर जाम लग गया। वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ गया। प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि भाजपा नेताओं के दबाव में किसानों के पर्चे निरस्त किए जा रहे हैं।
बता दें मेरठ के मोहिउद्दीनपुर गन्ना समिति चुनाव में 102 डेलीगेट किसानों के नामांकन पत्र निरस्त होने पर भाकियू ने परतापुर थाने पर हल्ला बोल प्रदर्शन किया था। ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर किसान थाने में घुस गए और डेरा डाल दिया था।
भाकियू ने चेतावनी दी है कि अगर किसानों को चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला तो भाकियू का धरना जारी रहेगा। आज भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत भी इस धरना-प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे। उन्होंने धरने को समर्थन दिया और किसानों में उत्साह भरा। उन्होंने बताया कि 255 डेलीगेट प्रत्याशियों ने मोहिउद्दीनपुर गन्ना समिति में चुनाव में पर्चा भरा था। जबकि यहां पर 143 सीट हैं। शुक्रवार को नामांकन पत्रों की जांच हुई, जिसमें कागजों में खामियां बताकर 102 प्रत्याशियों के पर्चे निरस्त कर दिए गए।