अमेरिका ने वीजा नहीं दिया, ईरान करेगा फीफा वर्ल्ड कप ड्रॉ का बहिष्कार; जानें पूरे मामले की वजह
Iran Boycott: अगले साल 11 जून से 19 जुलाई तक आयोजित होने वाले फीफा वर्ल्ड कप 2026 में कुल 48 टीमें हिस्सा लेंगी। यह टूर्नामेंट अब तक के सबसे बड़े फुटबॉल इवेंट्स में से एक साबित होगा। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेला जाने वाला यह विश्व कप फुटबॉल के इतिहास में कई रिकॉर्ड तोड़ सकता है।
ईरान करेगा ड्रॉ का बहिष्कार
फुटबॉल अधिकारियों को वीजा संबंधी समस्याओं का सामना
ईरानी फुटबॉल महासंघ के प्रवक्ता अमीर महदी अलवी के अनुसार, अधिकारियों को वीजा संबंधी बाधाओं का सामना करना पड़ा, जो खेल और फुटबॉल से जुड़े मुद्दों से परे हैं। अलवी ने कहा कि महासंघ ने फीफा से संपर्क किया है और उम्मीद जताई कि फीफा इस विवाद को सुलझाने में मदद करेगा।
फीफा और अमेरिका की प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई
इस मुद्दे पर फीफा ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, अमेरिका की ओर से इस वीजा विवाद पर तत्काल कोई टिप्पणी सामने नहीं आई है। यह स्थिति आगामी ड्रॉ और टूर्नामेंट की तैयारियों पर भी असर डाल सकती है।
पिछले यात्रा प्रतिबंधों का भी है असर
रिपोर्ट के अनुसार, जून महीने में अमेरिका ने ईरान समेत 12 देशों के नागरिकों पर यात्रा प्रतिबंध लगाया था। इस सूची में हाल ही में क्वालीफाई करने वाले हैती जैसे देश भी शामिल हैं। यह प्रतिबंध वीजा समस्याओं और ईरान के बहिष्कार की मुख्य वजह बन सकता है।
विश्व कप 2026 का रोमांच और राजनीतिक तनाव
48 टीमों के साथ होने वाले विश्व कप में वैश्विक फुटबॉल प्रेमियों का उत्साह चरम पर होगा। वहीं, वीजा विवाद और ईरान के बहिष्कार के कारण राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव भी बढ़ सकता है। फुटबॉल प्रशंसकों और विशेषज्ञों की निगाहें अब आगामी ड्रॉ पर टिकी हैं, और देखने वाली बात होगी कि यह विवाद कैसे हल होता है।
