मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय सामाजिक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी मनीष चौधरी के नेतृत्व में गुरुवार को श्रीराम कॉलेज परिसर में भारतीय संस्कृति और युवा पीढ़ी को बचाने के उद्देश्य से धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज प्रशासन पर अश्लीलता को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए बेमियादी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
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प्रदर्शन से पहले सुबह कॉलेज परिसर में 11 पंडितों के साथ मिलकर श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह पाठ कॉलेज के दूषित वातावरण और प्रशासन की “अश्लील मानसिकता” को शुद्ध करने के लिए किया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए।
मनीष चौधरी ने कहा कि श्रीराम कॉलेज बार-बार भारतीय संस्कृति और समाज को अपमानित करने वाले कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। हाल ही में वार्षिकोत्सव के दौरान कॉलेज प्रबंधन ने कलाकारों और छात्राओं से “अश्लील नृत्य” करवाकर समाज को कलंकित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्यक्रम में किन्नर समाज का भी अपमान किया गया, जो किसी भी शिक्षा संस्थान में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
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उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी को संस्कृति और सभ्यता से भटका कर अश्लीलता की ओर धकेला जा रहा है। संस्था ने पहले भी प्रशासन और शिक्षा विभाग से इस पर संज्ञान लेने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक श्रीराम कॉलेज सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार कर माफी नहीं मांगता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। मनीष चौधरी ने कहा कि समाज में भारी रोष के बावजूद कॉलेज प्रबंधन ने कोई खेद तक व्यक्त नहीं किया। इससे साफ होता है कि यह प्रबंधन अश्लीलता को बढ़ावा दे रहा है।”
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि श्रीराम कॉलेज को “नृत्य के नाम पर अश्लीलता और नग्नता” को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो यह आंदोलन और बड़ा किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से केपी चौधरी, , भारतवीर सिंह, गुरदास सिंह, चौ. किरणपाल सिंह, जयेदव पंवार, प्रमोद कुमार खेडी, जयवीर बालियान, पुष्पेन्द्र विश्नोई, शैलेन्द्र मलिक, आदित्य राणा, रामबीर सिंह राणा, योगेन्द्र कुमार पंडित बृजेश दुबे, विनेश दूबे, रामचरण सिंह सहित बड़ी संख्या में ब्राह्मण लोग और युवा मौजूद रहे।