मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी से मुक्ति के लिए सहयोग करने वाले गांव के प्रधानों को जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी, सीएमओं और CDO नें ब्रोँज एवं सिल्वर स्टैचू देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिले के 58 ग्राम प्रधानों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें से 7 ग्राम प्रधानों को सिल्वर और 51 को ब्रॉंज गांधी स्टेचू के साथ-साथ प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। ये सम्मान डीएम उमेश कुमार मिश्रा, सीडीओ संदीप भागिया और सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने संयुक्त रूप से प्रदान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने ग्राम प्रधानों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि टीबी मुक्त भारत के सपने को साकार करने में ग्राम पंचायतों का योगदान अहम है। सीएमओ डॉ. संदीप भागिया ने बताया कि इस अभियान के तहत टीबी से मुक्ति के लिए सहयोग करने वाली ग्राम पंचायतों और उनके प्रधानों को सम्मानित करने का उद्देश्य अन्य लोगों को भी प्रेरित करना है। अगर इसी तरह एक-एक ग्राम पंचायत टीबी मुक्त होती चली जाए। तो पूरा भारत टीबी मुक्त हो सकता है।“ उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यदि कोई गांव लगातार तीन साल तक टीबी मुक्त रहता है, तो उसे गोल्ड स्टेचू से सम्मानित किया जाएगा।
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इस अवसर पर डीएम उमेश कुमार मिश्रा ने टीबी से पीड़ित मरीजों को पोषण पोटली भी वितरित की। ये कदम मरीजों के स्वास्थ्य को बेहतर करने और उन्हें पोषण संबंधी सहायता प्रदान करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। डीएम ने इस दौरान ग्राम प्रधानों से अपील की,कि वे अपने क्षेत्र में टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने और मरीजों की पहचान व उपचार में सहयोग जारी रखें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुनील तेवतिया ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का टीबी मुक्त अभियान लगातार जारी है। और यदि ग्राम पंचायत टीवी मुक्त रहेगी तो देश भी टीबी मुक्त हो जाएगा।
ग्राम प्रधानों के सहयोग से टीबी के मरीजों को खोजा जाता है। और उनका इलाज भी चलाया जाता है। इसके साथ ही ग्राम प्रधान के द्वारा भी टीबी के मरीजों को गोद लिया गया है। उसके तहत टीबी के मरीजों को प्रति महा पोषण पोटली वितरित की जाती है जिसमें पोषण युक्त खाद्य सामग्री होती है।