बड़ौत: श्री रविदास वैदिक पाठशाला का कायाकल्प, बच्चों को आधुनिक सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
बागपत। समाज के कमजोर, असहाय और श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और आत्मविश्वास देने की दिशा में एक प्रेरक पहल के रूप में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित श्री रविदास वैदिक पाठशाला बड़ौत (कक्षा 1 से 5) का पूर्ण कायाकल्प किया गया है। इस विद्यालय में वर्तमान में कक्षा 1 से 5 तक लगभग 150 बच्चे अध्ययनरत हैं।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कायाकल्पित विद्यालय पहुंचकर बच्चों के साथ आत्मीय संवाद स्थापित किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, रुचियों, पसंदीदा विषयों और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली। बच्चों ने भी पूरी सहजता और उत्साह के साथ अपनी बातें साझा कीं। जिलाधिकारी का बच्चों के बीच सादगीपूर्ण व्यवहार और स्नेहिल संवाद विद्यालय परिसर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता नजर आया।
किसी निजी पब्लिक स्कूल से कम नहीं कायाकल्प विद्यालय :—
विद्यालय के कायाकल्प कार्य में सीएसआर फंड एवं नगर पालिका बड़ौत का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। विद्यालय को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यहां मल्टीलेवल हैंड वॉश सिस्टम, स्वच्छ और सुविधाजनक टॉयलेट एवं वॉशरूम, सुरक्षित पेयजल व्यवस्था, आकर्षक टाइल्स, रंग-बिरंगी वॉल पेंटिंग, गुणवत्तापूर्ण फर्नीचर और सीखने के अनुकूल कक्षाओं की व्यवस्था की गई है। विद्यालय परिसर का हर कोना अब बच्चों को सीखने, खेलने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता दिखाई देता है।
बच्चों को शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराई :—
इसके साथ ही विद्यालय के बच्चों को जूते, ड्रेस, बैग सहित आवश्यक शैक्षिक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे बच्चों और उनके अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो सके। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई संसाधनों के अभाव में बाधित न हो।
कार्यक्रम की एक विशेष और भावनात्मक झलक उस समय देखने को मिली जब जिलाधिकारी ने बच्चों के साथ सामूहिक रूप से भोजन किया। बच्चों के लिए विशेष रूप से चॉकलेट, टॉफी एवं पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई थी। जिलाधिकारी के साथ बैठकर भोजन करने का अवसर बच्चों के लिए अविस्मरणीय बन गया। बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। उन्होंने इस अनुभव को यादगार बताते हुए अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।
ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी से सहयोग :—
विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता को और सुदृढ़ करने के लिए ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी से सहयोग स्थापित किया गया है। यूनिवर्सिटी के प्रशिक्षित विद्यार्थी एवं शिक्षक प्रत्येक शनिवार को विद्यालय पहुंचकर बच्चों को पढ़ाएंगे। इससे बच्चों को नई शिक्षण पद्धतियों, रचनात्मक गतिविधियों और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन का लाभ मिलेगा। यह पहल सरकारी विद्यालयों में उच्च शिक्षा संस्थानों की सहभागिता का एक सराहनीय उदाहरण है।
इसके अतिरिक्त बच्चों के शैक्षिक और सांस्कृतिक विकास के लिए शैक्षिक भ्रमण की भी योजना बनाई गई है। बच्चों को राष्ट्रपति भवन एवं अन्य प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा, जिससे वे देश की विरासत, लोकतांत्रिक संस्थाओं और राष्ट्रीय मूल्यों से परिचित हो सकें। इस प्रकार के भ्रमण बच्चों के दृष्टिकोण को व्यापक बनाते हैं और उनमें आत्मविश्वास का विकास करते हैं।
बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना :—
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने इस अवसर पर कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों एवं स्टाफ को निर्देशित किया कि बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनके पोषण, स्वास्थ्य और समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों तक समय पर पहुंचे।
जिलाधिकारी ने विद्यालय के कायाकल्प कार्य को निरंतर बनाए रखने और भविष्य में भी आवश्यक सुधार कार्य कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, सुरक्षित और प्रेरणादायक वातावरण बच्चों के सीखने की क्षमता को कई गुना बढ़ा देता है। प्रशासन की यह प्राथमिकता है कि प्रत्येक बच्चा सम्मान और सुविधा के साथ शिक्षा प्राप्त करे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्सवपूर्ण माहौल रहा। शिक्षक, कर्मचारी, अभिभावक और बच्चे सभी इस परिवर्तन से उत्साहित नजर आए। बच्चों ने नए कक्षाओं, रंगीन दीवारों और सुविधाओं को देखकर अपनी खुशी व्यक्त की। यह पहल निश्चित रूप से अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े बच्चों को सपने देखने और उन्हें साकार करने का आत्मविश्वास देगी।
इस अवसर पर एसडीएम बड़ौत भावना सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्योति शर्मा, विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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