बांदा में दहेज में स्कॉर्पियो न मिलने पर बेटी को ससुराल में किया प्रताड़ित, सदमे में पिता की गई जान, मुकदमा
बांदा। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में दहेज लोभ की क्रूरता का शिकार बनी एक नवविवाहिता ने अपनी मार्मिक व्यथा सुनाते हुए महिला थाने में पति व ससुरालीजनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। शादी के कुछ ही दिनों बाद स्कॉर्पियो गाड़ी की मांग को लेकर शुरू हुई प्रताड़ना न सिर्फ उसके वैवाहिक जीवन को तोड़ गई, बल्कि पिता की मौत का कारण भी बन गई।
पीड़िता प्रिया देवी का विवाह 9 जुलाई 2024 को हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह के बाद पति दिलीप कुमार गुप्ता उसे लखनऊ स्थित अपने कार्यस्थल के पास गोमतीनगर ले गया, जहां वह एक निजी कंपनी में मैनेजर है। प्रिया के अनुसार, शादी के 5–6 दिन बाद ही दिलीप ने उसे दहेज में स्कॉर्पियो न मिलने पर गाली-गलौज व मारपीट शुरू कर दी। प्रिया के पिता और भाई ने कई बार पंचायत कर समझाने की कोशिश की, लेकिन ससुरालीजन ने साफ कह दिया कि जब तक स्कॉर्पियो नहीं मिलेगी, वह बहू को नहीं अपनाएंगे।
11 अगस्त 2024 को हुई बर्बरता के बाद प्रिया अपने भाई के साथ मायके लौट आई, जबकि पति ने उसका पूरा स्त्रीधन रोक लिया। लगातार समझौते के प्रयासों के दौरान ससुरालीजनों द्वारा किए गए अपमान से पिता बद्री प्रसाद मानसिक तनाव में आकर बीमार पड़ गए और 28 सितंबर 2025 को उनकी मौत हो गई।
पिता के निधन के बाद भी जब प्रिया 26 अक्टूबर 2025 को ससुराल पहुँची और अपनाने की गुहार लगाई, तो ससुरालीजनों ने फिर उसे पीटा, गालियाँ दीं और धमकाया कि बिना स्कॉर्पियो लाए घर में कदम न रखे। इतना ही नहीं, उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि उनकी पहली बहू को भी ट्रेन से धक्का देकर खत्म कर दिया गया था।
प्रिया के अनुसार, उसने डायल 112 और महिला थाना बांदा में कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रभावशाली ससुरालीजन अपनी “ऊपर तक पहुंच” बताकर उसे डराते रहे। आखिरकार पीड़िता ने अब महिला थाने में गंभीर आरोपों के साथ मुकदमा दर्ज कराया है।
इस संबंध में महिला थाने की प्रभारी मोनी निषाद ने रविवार को बताया कि पीड़िता की तहरीर पर शनिवार को मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक स्नेहा को सौंपी गई है।
