अब और प्रेशर नहीं… मुरादाबाद में बीएलओ ने की आत्महत्या; सुसाइड नोट ने पूछा प्रशासन से सवाल
Moradabad blo suicide case: मुरादाबाद जिले में ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) सर्वेश सिंह की आत्महत्या ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। शनिवार रात उन्होंने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। परिवार का आरोप है कि सर्वेश को बिना किसी प्रशिक्षण के बीएलओ का काम सौंप दिया गया था, जिसका अत्यधिक दबाव वह झेल नहीं पाए। उनकी मौत के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
सुसाइड नोट में छलका दर्द
बिना ट्रेनिंग ड्यूटी का बोझ झेल नहीं पाए
सर्वेश की पत्नी बबली ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि उनके पति को बीएलओ की जिम्मेदारी देने से पहले कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। फॉर्म गुम होने की एक घटना के बाद सर्वेश पर अतिरिक्त कार्यभार डाला गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट चुके थे। परिवार ने बताया कि वह कई दिनों से अत्यधिक तनाव और दबाव में थे, जिसकी शिकायत उन्होंने कई बार की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
शिक्षक से बीएलओ तक का सफ़र बना तनाव का कारण
सर्वेश सिंह भोजपुर थाना क्षेत्र के बहेड़ी बेमनाथ गांव के रहने वाले थे और ब्लॉक भगतपुर में कंपोजिट विद्यालय में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत थे। इसके अलावा उन्हें बूथ संख्या 406 पर बीएलओ की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दे दी गई थी। मतदाता सूची अद्यतन और उससे जुड़े कामों का भारी दबाव उनकी सामान्य दिनचर्या को प्रभावित कर रहा था। बिना प्रशिक्षण और बढ़ते दबाव ने उन्हें मानसिक रूप से कमजोर कर दिया।
बीएलओ सिस्टम का बढ़ता बोझ
बीएलओ का कार्य चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, जिसमें चुनावी डेटा अपडेट, मतदाता सूची संशोधन और कई प्रशासनिक प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। लेकिन अक्सर कर्मचारियों को बिना पर्याप्त प्रशिक्षण के ड्यूटी पर भेज दिया जाता है, जिससे वे अनावश्यक तनाव का शिकार हो जाते हैं। यह मामला इस व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करता है और साबित करता है कि जरूरत से ज्यादा दबाव कर्मचारियों की मानसिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
क्या बीएलओ पर था अत्यधिक दबाव?
घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया है। पुलिस और जांच टीमें सुसाइड नोट का अध्ययन कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि सर्वेश पर वाकई दबाव डाला गया था या नहीं। जिला अधिकारी अनुज सिंह ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जल्द ही पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी। परिवार का दर्द और सिस्टम की खामियां इस घटना को और भी संवेदनशील बना देती हैं।
