सहारनपुर। राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव एवं युवा सांसद चंदन चौहान ने आज कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों के मर्म को अच्छी तरह से महसूस करते हैं और उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर तत्परता के साथ प्रभावी निर्णय लेते हैं। वह आज यहां वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र सिंघल से खास बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री और रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी की मांग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान-पशु संघर्ष ने किसानों को सुरक्षा दिए जाने के सभी मामलों को फसल बीमा योजना में शामिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि पहले सड़कों और राजमार्गों पर छुट्टा पशु जमे रहते थे जिससे आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती थीं। खुद उनकी गाड़ी के सामने भी दो-तीन बार अचानक सांडों के आ जाने से उनकी गाड़ी दुर्घटना होते-होते बची। मुख्यमंत्री योगी सरकार ने बड़े स्तर पर गौशालाओं का निर्माण कराया है। जहां पर इन आवारा घूमते पशुओं को इन आश्रय स्थलों में संरक्षण दिलवा दिया। इससे पशु अब सड़कों पर नहीं दिखते। गौ-कटान बंद होने से गौ-माता और उनके बछड़ों-बछड़ियों की दुआएं योगी आदित्यनाथ को मिल रही हैं। योगी आदित्यनाथ की शौहरत बेहतर कानून व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण को लेकर है। लेकिन संवेदनशील और कुशल प्रशासक होने के नाते उन्होंने इस बार गन्ना मूल्य बढ़ाकर 400 रूपए प्रति क्विंटल कर दिया। जब वह लोकदल की इस मांग को लेकर उनसे मिले थे तो उनका कहना था कि उनके यहां भी गन्ने की बड़े पैमाने पर खेती होती है और गन्ना समर्थन मूल्य में वृद्धि से वह भी लाभार्थी रहेंगे।
चंदन चौहान ने कहा कि इस बार गन्ने में बीमारी के चलते गन्ने की फसल कम हुई है। अगले गन्ना पेराई सत्र में योगी सरकार यदि गन्ने के मूल्य में और बढ़ोतरी नहीं करती है तो चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति का संकट पैदा हो जाएगा।
एक सवाल के जवाब में जयंत चौधरी ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों में लोकदल और भाजपा गठबंधन मिलकर चुनाव लड़ेगा। उनका मानना है कि मुस्लिम बहुल सीटों पर लोकदल के उम्मीदवार उतारे जाते हैं तो उनको अच्छी-खासी तादाद में मुस्लिम वोट भी प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि दोनों दलों के बीच गठबंधन हुए डेढ़-दो साल हो गए हैं। अब जाटों का रूझान पूरी तरह से जयंत चौधरी की ओर हो गया है। 95 फीसद जाट बिरादरी और किसान जातियां जयंत चौधरी को अपना नेता मानती हैं। चौधरी चरण सिंह पूरे देश के किसानों के लिए सबसे बड़े मसीहा और भगवान जैसे माने जाते हैं। इसका लाभ भाजपा को हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली विधानसभा में मिला है। भारतीय किसान यूनियन के आंदोलनों में कमी आई है और उसकी धार कुंद पड़ी है।