Wednesday, July 17, 2024

जानसठ में अस्पताल में महिला ने तोड़ा दम, परिजनों का हंगामा

जानसठ। कस्बे की आदर्श कालोनी में स्थित एक निजी अस्पताल में महिला की मौत हो गई। मृतक महिला का नाम गीता पत्नी जॉनी उम्र 22 वर्ष निवासी जंधेड़ी है, महिला की मौत पर परिजनों में कोहराम मच गया। महिला की मौत पर परिजनों ने हंगामा करते हुए अस्पताल व डॉक्टरो पर कार्यवाही की मांग की। इसकी सूचना जैसे ही गाँव पहुंची, तो सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण ट्रेक्टर ट्राली में भरकर नर्सिंग होम पहुँचे और जमकर हंगामा किया।  हंगामे की सूचना पुलिस को मिली, तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हंगामा कर रहे ग्रामीणों और परिजनों समझा बुझाकर शांत किया।

 

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मृतक महिला गीता के पति जॉनी निवासी जधेड़ी ने जानकारी देते हुए बताया की उनकी पत्नी गीता गर्भवती थी और उनकी डिलीवरी होनी थी 26 तारीख को दर्द की समस्या होने पर उन्हे राणा नर्सिंग होम पर ले गये, जहाँ उनकी डिलीवरी के दौरान उन्होंने लडके को जन्म दिया उसके अगले दिन 27 तारीख को छुट्टी दे दी, जिसके बाद उसको घर थाना सिखेड़ा क्षेत्र के गांव जंधेड़ी ले गये, वही उसने बताया द्घक आज उसकी पत्नी को पेट मे दर्द हुआ, दर्द होने के कारण गांव में ही डॉक्टर को बुलाकर दिखाया, जहाँ डॉक्टर ने कहा की इसकी हालत गंभीर है, इसको जहाँ डिलीवरी हुई, वही ले जाने की सलाह दी, परिजन महिला को सुबह 6 बजे अस्पताल लाये, यहाँ पर उन्हे दो नर्स मिली, परिजनो ने उन्हे जल्दी ही डॉक्टर बुलाने को कहा, लेकिन एक घण्टे से ज्यादा बीत जाने के बाद भी डॉक्टर नहीं पहुँचे और इलाज न मिलने के कारण उसकी मृत्यु हो गयी, महिला की मृत्यु होने पर नर्स भी वहा से फरार हो गयी। मृतक महिला के पति जॉनी ने बताया कि बच्चा स्वस्थ है, उसकी देखभाल की जा रही है, सीएचसी प्रभारी डॉ अजय कुमार ने बताया की मामला प्रकाश में आया है, इसमे जाँच कर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे दर्जनों अस्पताल-जानसठ में दर्जनो से ज्यादा अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे है, जिनमे कोई न कोई हादसा होता रहता है, वही अग्निशमन विभाग की माने तो दर्जनो से ज्यादा जानसठ कस्बे में ऐसे नर्सिंग होम है, जिनके पास अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं, लेकिन उसके बाद भी धड़ल्ले से चल रहे है, बिना एनओसी के स्वास्थ्य विभाग से इनका रजिस्ट्रेशन किस आधार पर हो रहा है, यह एक बड़ा सवाल है, वही अग्निशमन अधिकारी सोनू कुमार ने बताया कि जानसठ मे सिर्फ एक ज्योति अस्पताल को छोड़कर किसी के पास भी अग्निशमन की एनओसी नहीं है, बाकी नर्सिंग होम बिना एनओसी द्वारा चल रहे है।
कागजी की खानापूरी कर होता है निस्तारण- स्वास्थ्य विभाग भी कार्यवाही तब करता है, जब कोई बड़ी घटना होती है, लेकिन कार्यवाही भी ऐसी की जाती है, नर्सिंग होम सीज होने के दो दिन बाद फिर शुरू हो जाते है, आखिर इन नर्सिंग होमो को किसका संरक्षण प्राप्त है, किसकी सह पर चल रहे है, यह जाँच का विषय है, जो नर्सिंग होम लोगो की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे है, इनके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग को अभियान चलाकर सख्त कार्यवाही करनी चाहिये, जिससे क्षेत्र के लोगो राहत मिल सके।

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