मेरठ। केदारनाथ दर्शन के लिए गए मेरठ के लगभग 40 श्रद्धालु बादल फटने के कारण फंस गए हैं। कई लोग इस त्रासदी में बाल-बाल बच गए जबकि कुछ लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। मेरठ के चार युवक केदारनाथ मंदिर पर ही फंसे हैं। इनके साथ पांच हजार लोग भी फंसे हुए हैं। वहीं मेरठ के लोगों के परिजन चिंतित हो गए हैं। वे अपनों के सकुशल होने की प्रार्थना कर रहे हैं और उनसे संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं।
केदारनाथ मंदिर पर अभी भी मेरठ के चार युवक फंसे हैं। मंदिर स्थल पर लाइट न होने के कारण युवकों के मोबाइल भी डिस्चार्ज हो गए हैं। इस बीच खाने-पीने की भी दिक्कत चल रही है। बारिश के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन रुक गया है।
जय देवी नगर निवासी जॉनी, तरुण, अंकित और अज्जू चारों दोस्त 29 जुलाई को घर से केदारनाथ दर्शन के लिए जाने की बात कह कर गए थे। चारों युवक कुशलता के साथ मंदिर पहुंच गए। इस बीच मंदिर के कपाट बंद होने के कारण वे लोग दर्शन नहीं कर पाए।
बुधवार को रात राकेश के बेटे तरुण से फोन पर बात हुई थी। तब तक सब ठीक-ठाक था। तरुण ने पिता को बताया था कि वह गुरुवार को दर्शन करने के बाद लौटेंगे। सुबह टीवी पर बादल फटने खबर देखने के बाद उन्होंने फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया तो तरुण व अन्य के मोबाइल स्विच ऑफ थे।
बादल फटने के कारण केदारनाथ मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। परिजनों का बच्चों से कोई संपर्क नहीं हुआ तो चिंता हुई। शुक्रवार शाम चार युवकों में से एक युवक ने पुलिस के द्वारा दिए गए मोबाइल से मेरठ अपने बड़े भाई को फोन कर वास्तविक स्थिति बताई।