मुज़फ्फरनगर प्रदूषण पर NGT का कड़ा प्रहार: RDF के इस्तेमाल और दूषित पानी पर DM और UPPCB से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
मुज़फ्फरनगर (रॉयल बुलेटिन): जनपद में गहराते वायु और जल प्रदूषण के साथ-साथ दूषित पेयजल आपूर्ति के गंभीर मुद्दे पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की प्रधान पीठ, नई दिल्ली ने बेहद सख्त रुख अपनाया है. माननीय न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी (न्यायिक सदस्य) और माननीय डॉ. अफ़रोज़ अहमद (विशेषज्ञ सदस्य) की पीठ ने इस मामले में कड़े निर्देश जारी किए हैं.
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सनव्वर बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (O.A. No. 269/2024)
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सैयद अली अब्बास बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (O.A. No. 121/2024)
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गौतम बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (O.A. No. 797/2024)
अदालत में मौजूद रहे ये प्रमुख वकील मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकरण ने अधिवक्ता राहुल खुराना को 'एमिकस क्यूरी' (Amicus Curiae) नियुक्त किया है. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता एस.ए. जैदी, मानसी चाहल और श्री कपिल उपस्थित रहे.
वहीं, प्रतिवादियों की ओर से प्रियंका स्वामी, विक्रांत पचनंदा, प्रदीप मिश्रा, दलीप ध्यानी, गीगी सी. जॉर्ज, सुनील कुमार, शुभम सखुजा, उत्कर्ष शर्मा, अनुभव आनंद अरोन और अभिनव आनंद जैसे वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा. इसके अतिरिक्त अनिल कर्णवाल और नरेंद्र पाल सिंह भी उपस्थित रहे.
पीड़ित का भावुक बयान और प्रदूषण के आरोप
सुनवाई के दौरान मोहम्मद अरशद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना पक्ष रखते हुए बताया कि प्रदूषण की भयावहता के कारण उन्होंने हाल ही में अपने परिवार के दो सदस्यों को खो दिया है. उन्होंने यह भी शिकायत दर्ज कराई कि शहर में सप्लाई किया जा रहा पीने का पानी भी पूरी तरह प्रदूषित है.
NGT के प्रमुख आदेश और निर्देश:
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RDF की जांच: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) को निर्देश दिया गया है कि वे उद्योगों में RDF (Refuse Derived Fuel) के उपयोग, उसके स्रोत, गुणवत्ता और उससे होने वाले वायु प्रदूषण (Fugitive Emissions) की जांच करें.
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तकनीकी निगरानी: उद्योगों में लगे एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस, OCEMS की कार्यशीलता और फ्लाई ऐश (Fly Ash) के निस्तारण की वास्तविक स्थिति की जांच कर रिपोर्ट दाखिल की जाए.
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पेयजल की गुणवत्ता: मुज़फ्फरनगर नगर पालिका को आदेश दिया गया है कि वह पेयजल के नमूने लेकर उनकी जांच औद्योगिक और घरेलू मानकों के आधार पर कराए.
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DM को निर्देश: जिलाधिकारी मुज़फ्फरनगर और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जनता को स्वच्छ पेयजल मिले और आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कदम उठाएं.
अगली सुनवाई की तिथि अधिकरण ने मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च 2026 निर्धारित की है. कोर्ट ने आदेश की प्रति जिलाधिकारी, सदस्य सचिव (UPPCB) और ईओ नगर पालिका को ईमेल के माध्यम से अनुपालन हेतु भेजने के निर्देश दिए हैं.
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लेखक के बारे में
मीडिया और विज्ञापन जगत का 23 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले रामनिवास कटारिया 'रॉयल बुलेटिन' की व्यावसायिक और संपादकीय टीम के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। 'अमर उजाला' जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में विज्ञापन प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं देने के बाद, श्री कटारिया पिछले 10 वर्षों से निरंतर रॉयल बुलेटिन परिवार के साथ जुड़े हुए हैं। वर्तमान में विज्ञापन प्रभारी की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ वे शैक्षणिक संस्थानों (स्कूलों) और औद्योगिक इकाइयों (उद्योगों) की विशेष रिपोर्टिंग भी करते हैं। विज्ञापन संबंधी परामर्श और औद्योगिक/शैक्षणिक खबरों के लिए आप उनसे मोबाइल नंबर 7017986469 पर संपर्क कर सकते हैं।
