Salary and Pension Revision: पीएसजीआईसी, नाबार्ड और आरबीआई के लिए वेतन और पेंशन रिवीजन को मंजूरी
नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों (पीएसजीआईसी) और राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के लंबे समय से रुके वेतन संशोधन को मंज़ूरी दे दी है। साथ ही सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) और नाबार्ड के रिटायर कर्मचारियों के पेंशन संशोधन को भी मंज़ूरी दी है। केंद्र सरकार के इस फैसले से लगभग 46322 कर्मचारियों, 23570 पेंशनभोगियों और 23260 पारिवारिक पेंशनभोगियों को फायदा होगा।
वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पीएसजीआईसी के कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन 01 अगस्त, 2022 से लागू होगा। वेतन बिल में कुल 12.41 फीसदी की बढ़ोतरी होगी, जिसमें मौजूदा बेसिक पे और महंगाई भत्ते में 14 फीसदी की वृद्धि शामिल है। इस संशोधन से कुल 43,247 सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों के कर्मचारियों को फायदा होगा। इस बदलाव में 01 अप्रैल 2010 के बाद नौकरी ज्वाइन करने वाले कर्मचारियों के बेहतर भविष्य के लिए एनपीएस योगदान को 10 फीसदी से बढ़ाकर 14 फीसदी करने का भी प्रावधान है।
वित्त मंत्रालय ने आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से पारिवारिक पेंशन को 30 फीसदी की समान दर पर संशोधित किया है, जिससे कुल 15,582 मौजूदा फैमिली पेंशनर्स में से 14,615 फैमिली पेंशनर्स को फायदा होगा। इस पर कुल खर्च 8,170.30 करोड़ रुपये होगा, जिसमें (वेतन रिवीजन के बकाया के लिए 5,822.68 करोड़ रुपये, एपीएस के लिए 250.15 करोड़ रुपये और फैमिली पेंशन के लिए 2,097.47 करोड़ रुपये) शामिल है।
मंत्रालय के मुताबिक केंद्र सरकार की ओर से 1 नवंबर, 2022 से नबार्ड के सभी ग्रुप 'ए', 'बी' और 'सी' कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में लगभग 20 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। इससे लगभग 3,800 सेवारत और पूर्व कर्मचारियों को फायदा होगा। पे रिवीजन से सालाना वेतन बिल में लगभग 170 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा और बकाया का कुल भुगतान लगभग 510 करोड़ रुपये होगा। पेंशन में बदलाव से एक बार में 50.82 करोड़ रुपये का एरियर पेमेंट होगा। साथ ही नाबार्ड के 269 पेंशनर्स और 457 फैमिली पेंशनर्स को हर महीने पेंशन पेमेंट में 3.55 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च होगा।
इसके अलावा सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन और फैमिली पेंशन में बदलाव को मंज़ूरी दे दी है। मंजूर किए गए बदलाव के तहत, 1 नवंबर, 2022 से बेसिक पेंशन प्लस महंगाई राहत पर पेंशन और फैमिली पेंशन में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी। इससे सभी रिटायर लोगों की बेसिक पेंशन में 1.43 गुना की बढ़ोतरी होगी, जिससे उनकी मासिक पेंशन में काफी सुधार होगा। इस रिवीजन से कुल 30,769 लाभार्थियों को फायदा होगा, जिसमें 22,580 पेंशनभोगी और 8,189 पारिवारिक पेंशनभोगी शामिल हैं।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि कुल वित्तीय खर्च 2,696.82 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जिसमें बकाया के लिए 2,485.02 करोड़ रुपये का एक बार का खर्च और 211.80 करोड़ रुपये का सालाना खर्च शामिल है। मंत्रालय ने कहा कि यह फैसला सरकार की सामाजिक सुरक्षा और पेंशन पाने वालों की वित्तीय भलाई के प्रति लगातार प्रतिबद्धता और जोर को दिखाता है, जो उनकी लंबी और समर्पित व्यावसायिक सेवा को देखते हुए लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों (पीएसजीआईसी) में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (एनआईसीएल), न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (एनआईएसीएल), ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (ओआईसीएल), यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (यूआईआईसी), जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (जीआईसी) और एग्रीकल्चरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (एआईसीआईएल) शामिल हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।
