जम्मू-कश्मीर में सैन्य वाहन दुर्घटनाग्रस्त, झाड़ग्राम के जवान समिरण सिंह शहीद
बेटे की जगह अब उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर गांव लौटेगा। परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को ही बलिदानी समीरन सिंह का पार्थिव शरीर गांव लाए जाने की योजना थी, लेकिन खराब मौसम के कारण विमान से शव भेजना संभव नहीं हो सका। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में लगभग 9,000 फीट की ऊंचाई पर भदेरवाह-चंबा मार्ग पर सेना का एक वाहन भीषण दुर्घटना का शिकार हो गया। बताया गया कि वाहन सामने से आ रहे एक अन्य वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था, तभी चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया और वह करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे में मौके पर ही 10 जवानों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। सेना के अनुसार, वाहन में कुल 21 जवान सवार थे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही सेना, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया। गंभीर रूप से घायल जवानों को हवाई मार्ग से उधमपुर के एक सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बलिदानी समीरन सिंह की बलिदान से पूरे झाड़ग्राम जिले में शोक का वातावरण है। लोग नम आंखों से इस वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।
