इंदौर दूषित पानी मामला : भागीरथपुरा में सड़क पर शव रखकर चक्काजाम, भाजपा पार्षद के खिलाफ नारेबाजी
मौके पर कांग्रेस नेता चिंटू चौकसे, राजू भदौरिया, अमित पटेल, दीपू यादव सहित अन्य नेता भी पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि बद्रीप्रसाद की मौत को एक दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। परिवार का कहना है कि वे बेहद गरीब हैं और अंतिम संस्कार के लिए भी उनके पास पैसे नहीं हैं। परिजनों ने बताया कि बद्रीप्रसाद पूरी तरह स्वस्थ थे और अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी। इसके बावजूद प्रशासन इस मौत को दूषित पानी से जोड़ने से इनकार कर रहा है। परिजनों ने यह भी बताया कि दो महीने पहले बद्रीप्रसाद की बहू की भी मौत हो चुकी है, जिससे परिवार पहले से ही सदमे में है। लगातार हो रही मौतों, प्रशासन की धीमी प्रतिक्रिया और पीड़ित परिवारों को राहत न मिलने से क्षेत्र में भारी आक्रोश है। हंगामे की सूचना मिलते ही क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए। प्रशासन के अनुसार अब तक दूषित पानी से बीमार होकर 450 से अधिक मरीज अस्पतालों में भर्ती हो चुके हैं।
फिलहाल 10 मरीजों का इलाज जारी है, जिनमें से एक मरीज वेंटिलेटर पर और एक आईसीयू में है, जबकि वार्ड में भर्ती 8 मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अब डायरिया के मरीज भी एक- दाे ही पहुंच रहे हैं, जिन्हें भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही। प्रशासन का दावा है कि क्षेत्र के लगभग 30% हिस्से में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जा रही है और लगातार पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं, हालांकि लोगों का कहना है कि वे अब भी पानी का उपयोग करने से डर रहे हैं। वहीं, 70% इलाके में नई मुख्य पाइपलाइन डालने का काम जारी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।
