यूपी में टलेंगे पंचायत चुनाव ?, अप्रैल-मई में मतदान पर संशय, जनगणना और राजनीति बनी बड़ी वजह!
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। क्या ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव तय समय पर हो पाएंगे? या फिर इन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद तक टाल दिया जाएगा? हालिया प्रशासनिक गतिविधियां और राजनीतिक संकेत इसी ओर इशारा कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, अप्रैल-मई 2026 में पंचायत चुनाव कराना अब मुश्किल नजर आ रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह जनगणना-2027 है। भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय ने 22 जनवरी को जनगणना का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके तहत
1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक हाउस-लिस्टिंग और
फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना की जाएगी।
क्या ऐसे में प्रदेश के पास पंचायत चुनाव कराने के लिए पर्याप्त अधिकारी और कर्मचारी बचेंगे?
क्या प्रशासनिक अमला पूरी तरह जनगणना में झोंका जाएगा?
जानकारी के अनुसार, जनगणना की हाउस-लिस्टिंग में यूपी के 75 जिलों से 50 से 60 हजार शिक्षक, शिक्षा मित्र, लेखपाल समेत भारी संख्या में कर्मचारी लगाए जाएंगे। जिलाधिकारी, सीडीओ, एसडीएम, तहसीलदार, नगर आयुक्त, ईओ और बीडीओ तक जनगणना कार्य में व्यस्त रहेंगे।
तो फिर सवाल उठता है—
क्या इतने बड़े प्रशासनिक अमले के जनगणना में लगे रहने के दौरान पंचायत चुनाव संभव हैं?
जब तैयारी ही नहीं, तो चुनाव कैसे?
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायतीराज विभाग को आरक्षण निर्धारण के लिए पत्र जरूर लिखा गया है, लेकिन
👉 अब तक आरक्षण कमेटी का गठन नहीं हुआ,
👉 जबकि इस प्रक्रिया में कम से कम दो महीने का समय लगता है।
क्या यह देरी खुद इस बात का संकेत नहीं है कि चुनाव फिलहाल प्राथमिकता में नहीं हैं?
क्या राजनीतिक जोखिम से बचना चाहती है भाजपा?
भाजपा सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पंचायत चुनाव कराना राजनीतिक रूप से जोखिम भरा हो सकता है।
* गांवों में आपसी गुटबाजी बढ़ने का खतरा
* टिकट न मिलने पर बगावत की आशंका
* पंचायत चुनाव में कमजोर प्रदर्शन का सीधा असर विधानसभा चुनाव पर
क्या यही वजह है कि सरकार और संगठन दोनों फिलहाल चुनाव से दूरी बनाए हुए हैं?
2021 का अनुभव अब भी डराता है?
पार्टी के अंदर यह चर्चा भी है कि 2021 पंचायत चुनाव के शुरुआती चरण भाजपा के लिए अनुकूल नहीं रहे थे, जिसका डैमेज कंट्रोल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।
तो क्या उसी अनुभव से सबक लेते हुए चुनाव टालने की रणनीति बनाई जा रही है?
क्या विधानसभा चुनाव के बाद ही होंगे पंचायत चुनाव?
सूत्र बताते हैं कि पार्टी-सरकार के कोर ग्रुप की बैठकों में पंचायत चुनाव को विधानसभा चुनाव 2027 के बाद कराने पर गंभीर मंथन हुआ है।
यहां तक कि पंचायत से जुड़े जनप्रतिनिधियों को भी संकेत मिल चुके हैं कि चुनाव फिलहाल नहीं होंगे।
अब फैसला किसके हाथ में?
भाजपा पदाधिकारियों के मुताबिक, अंतिम निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व की हरी झंडी के बाद ही लिया जाएगा।
अगर केंद्रीय नेतृत्व ने अनुमति दी, तो चुनाव अप्रैल-मई में होंगे,
और अगर नहीं—तो क्या यूपी में पंचायत चुनाव 2027 के बाद ही कराए जाएंगे?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।
