एमएसएमई के लिए ज्यादा ऋण, जीएसटी छूट की सीमा बढ़ाने की मांग
नयी दिल्ली। भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट ने लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों को ज्यादा ऋण देने और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत छूट की सीमा 40 लाख रुपये सालाना से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये करने की मांग की है। ट्रस्ट के संस्थापक एवं प्रबंध न्यासी लक्ष्मी वेंकटरमन वेंकटेशन ने बजट से अपेक्षाओं पर एक प्रेस नोट साझा करते हुए कहा कि पिछले 10-11 साल में काफी प्रगति हुई है। इसके बावजूद, लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के ऋण की कमी है। वर्तमान समय में केवल 16–19 प्रतिशत एमएसएमई तक ही औपचारिक ऋण की पहुंच है, जिसे 2028 तक कम से कम 25 प्रतिशत तक बढ़ाना आवश्यक है ताकि "विकसित भारत 2047" के लक्ष्य को साकार किया जा सके।
उन्होंने मुद्रा योजना के अंतर्गत विशेषकर शिशु श्रेणी में औसत ऋण 37,000 रुपये से बढ़ाने, चार प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी तथा शून्य या न्यूनतम प्रसंस्करण शुल्क लगाने की मांग की। उन्होंने 15 दिन के भीतर जीएसटी रिफंड चक्र लागू करने और विलंबित भुगतान पर 12 प्रतिशत वैधानिक ब्याज सुनिश्चित करने की भी मांग की है, विशेषकर हस्तशिल्प, खुदरा और सेवा क्षेत्र के सूक्ष्म उद्यमियों के लिए।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।
