सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत का मामला : विशेष जांच टीम ने घटनास्थल का दाेबारा किया निरीक्षण
नोएडा। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की बेसमेंट बनाने के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में डूबने से हुई माैत की जांच के लिए विशेष जांच टीम ने शुक्रवार की शाम को घटनास्थल का दोबारा से दौरा किया। जांच टीम काे पांच दिन के अंदर मुख्यमंत्री काेरिपाेर्ट भेजनी है।
दरअसल, बिल्डिंग का बेसमेंट बनाने के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में भरे पानी में डूबने से साफ्टवेयर इंजीनियर की माैत के मामले की विशेष जांच टीम कर रही है। टीम ने आज शाम को घटनास्थल का फिर से दौरा किया। इस जांच टीम का नेतृत्व अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन भानु भास्कर कर रहे हैं। उनके साथ मेरठ के मंडलायुक्त और पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता भी घटनास्थल पर पहुंचे। टीम करीब आधे घंटे तक घटनास्थल पर विभिन्न पहलुओं से अपने स्तर से जांच की। उनके साथ पुलिस के कई बड़े अधिकारी भी मौजूद रहे। इसके बाद टीम वहां से लाैट गई। जांच टीम ने नोएडा विकास प्राधिकरण और पुलिस के अधिकारियों से जानकारी मांगी थी, वह उन्हें मिल गई है। इस मामले की जांच 5 दिन के अंदर पूरी करके मुख्यमंत्री को सौंपी जानी है। जांच टीम विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।
