गाज़ियाबाद में योगी सरकार का सख्त एक्शन, यूट्यूबर सलीम पर हमले का दूसरा आरोपी भी किया ढेर, 48 घंटे में दो भाइयों का अंत
पुलिस और बदमाशों के बीच हुई 20 राउंड फायरिंग; मुख्य आरोपी जीशान के बाद अब बड़े भाई गुलफाम का भी खात्मा, कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े थे आरोपी
गाज़ियाबाद। गाज़ियाबाद में 'एक्स-मुस्लिम' यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला करने वाले दूसरे आरोपी गुलफाम को भी पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की सख्त नीति के तहत पिछले 48 घंटों के भीतर पुलिस ने इस सनसनीखेज हमले के दोनों मुख्य आरोपियों—जीशान और गुलफाम—को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। दोनों पर पुलिस द्वारा एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। दोनों ही सगे भाई थे।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ के अनुसार, सोमवार देर रात इंदिरापुरम थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम को दो संदिग्धों के बारे में सूचना मिली थी। पुलिस ने जब वसुंधरा के पास बाइक सवार दो संदिग्धों को रोकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। एक सिपाही के भी गोली लगने की सूचना है। जवाबी कार्रवाई में हुई 20 राउंड से अधिक की फायरिंग में एक बदमाश मारा गया, जिसकी पहचान जीशान के बड़े भाई गुलफाम के रूप में हुई, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने मौके से चाकू, तमंचा, पिस्टल और कारतूस बरामद किए हैं।
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यह सनसनीखेज मामला बीते शुक्रवार का है, जब गाज़ियाबाद के लोनी इलाके में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर दो हमलावरों ने उस समय हमला किया, जब वे अपने ऑफिस में थे। हमलावरों ने सलीम को गला रेतकर मारने की कोशिश की थी। सलीम के शरीर पर चाकू से 14 गहरे जख्म आए थे, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में पता चला कि आरोपी 'मुस्लिम आर्मी मेहदी मॉडरेटर' नामक कट्टरपंथी संगठन से जुड़े थे और सलीम की 'एक्स-मुस्लिम' विचारधारा व हलाला पर दिए गए बयानों से नाराज थे।
पहला एनकाउंटर: मुख्य आरोपी जीशान का अंत
इस हमले के बाद गाज़ियाबाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से आरोपियों की पहचान की। मुख्य आरोपी जीशान (पुत्र बुनियाद अली, निवासी अमरोहा) पर पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। 1 मार्च की रात को पुलिस को सूचना मिली कि जीशान दिल्ली-यूपी बॉर्डर के पास छिपा है। जब पुलिस टीम ने उसे घेरा, तो उसने अत्याधुनिक हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी। करीब 10 मिनट तक चली इस मुठभेड़ में जीशान ढेर हो गया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी की बुलेट प्रूफ जैकेट पर गोली लगी और दो अन्य पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे।
कट्टरपंथी संगठन से जुड़ा था नेटवर्क
पुलिस का कहना है कि ये आरोपी कट्टरपंथी संगठन 'मुस्लिम आर्मी मेहदी मॉडरेटर' से जुड़े थे। सलीम वास्तिक पर पिछले शुक्रवार को उनके ऑफिस में घुसकर चाकू से 14 वार किए गए थे। हमलावरों की मंशा गला रेतकर हत्या करने की थी। आरोपी जीशान और गुलफाम कथित तौर पर पाकिस्तान के एक यूट्यूबर के कट्टरपंथी प्रोपेगंडा से प्रभावित थे और सलीम वास्तिक के 'एक्स-मुस्लिम' विचारधारा व बयानों से नाराज थे।
प्रशासन की कड़ी कार्रवाई
लोनी के विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने गाजियाबाद पुलिस के इस एक्शन की सराहना की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बदमाशों के साथ मुठभेड़ में 'खून की होली' खेलकर एक सख्त संदेश दिया है कि योगी सरकार के राज में निर्दोषों पर अत्याचार करने वालों का अंत इसी तरह होगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। घायल यूट्यूबर सलीम वास्तिक का अभी भी एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस फरार दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी है।
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