गाजियाबाद के खोड़ा में 5 मंजिला इमारत में भीषण आग, 150 लोगों की जान पर बनी, अवैध निर्माण की खुली पोल
अजंता कॉलोनी में ग्राउंड फ्लोर से शुरू हुई आग ने लिया विकराल रूप; सुरक्षा उपकरणों का टोटा, 20 से अधिक घायल, रेस्क्यू ऑपरेशन सफल
गाजियाबाद। गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र स्थित अजंता कॉलोनी में उस समय मौत का मंजर देखने को मिला, जब एक 5 मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। इमारत की संकरी गलियों और सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी के कारण 150 लोगों की जान पर बन आई। हालांकि, पुलिस और अग्निशमन विभाग की तत्परता से एक बड़ी जनहानि को टाल दिया गया, लेकिन इस हादसे ने अवैध निर्माण और फायर सेफ्टी के दावों की पोल खोल दी है।
घटना का विवरण: आधी रात को उठा आग का बवंडर
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) राहुल पाल सिंह ने बताया कि वैशाली फायर स्टेशन को आज रात करीब 12:00 बजे सूचना मिली कि अजंता कॉलोनी में एक बहुमंजिला इमारत में आग लग गई है। आग इमारत के ग्राउंड फ्लोर से शुरू हुई और देखते ही देखते विकराल हो गई। इमारत में करीब 40 फ्लैट्स थे और 150 से ज्यादा लोग सो रहे थे। आग की लपटों और धुएं ने पूरी बिल्डिंग को घेर लिया, जिससे लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। लोग बालकनी में फंसे रहे और मदद के लिए चिल्लाते रहे।

मौके पर पहुँचे गाजियाबाद के डीसीपी निमिष पाटिल ने रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली। उन्होंने बताया, "जैसे ही सूचना मिली, पुलिस और स्वाट टीम मौके पर पहुंची। हमारी प्राथमिकता इमारत में फंसे सभी 150 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की थी। हमने सभी निवासियों को सकुशल बाहर निकाल लिया है। करीब 20-22 लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनका इलाज चल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हमने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। इस बिल्डिंग का निर्माण किसके आदेश पर और कैसे हुआ, इसकी गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी।"

अवैध निर्माण और सुरक्षा में बड़ी चूक
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अमित खारी की यह 5 मंजिला बिल्डिंग पूरी तरह से 'अनाधिकृत' (Unauthorized) है। इसका न तो नक्शा पास था और न ही इसमें अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लिया गया था। CFO राहुल पाल सिंह ने स्पष्ट किया कि इतनी बड़ी इमारत में आग बुझाने का कोई भी यंत्र—जैसे फायर एक्सटिंग्विशर, हाइड्रेंट सिस्टम या इमरजेंसी एग्जिट—मौजूद नहीं था। तंग गलियां होने के कारण दमकल की 10 से ज्यादा गाड़ियों को पहुँचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।
प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल
खोड़ा के स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी अवैध बिल्डिंग का निर्माण संभव नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में ऐसी कई और इमारतें हैं जो सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर खड़ी की गई हैं। फिलहाल, प्रशासन और पुलिस की टीमें अभी भी मौके पर मौजूद हैं और कूलिंग का काम चल रहा है।
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