पाकिस्तान के प्रमुख सैन्य ठिकानों पर अफगानिस्तान ने किया हमला, मारे गए 32 सैनिक
काबुल। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि उसकी वायु सेना ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर सटीक और समन्वित हवाई अभियान चलाया। यह कदम दोनों पड़ोसी देशों के बीच बिगड़ती स्थिति को दर्शाता है। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर जारी बयान में कहा कि हवाई हमलों का उद्देश्य पाकिस्तान के प्रमुख सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना था, जिसमें नूर खान एयरबेस (रावलपिंडी), 12वीं डिवीजन मुख्यालय (क्वेटा, बलूचिस्तान), और ख्वाजई कैंप (मोहमंद एजेंसी, खैबर पख्तूनख्वा) शामिल हैं। बयान में यह भी कहा गया कि ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के कई अन्य रणनीतिक कमांड सेंटरों को भी निशाना बनाया गया।
ये भी पढ़ें ट्रंप ने तेहरान पर हमले का मकसद 'सरकार गिराना' बताया, ईरान की जनता से बोले,‘आपके पास आखिरी मौका’मंत्रालय ने बताया, “प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इन हवाई हमलों ने अपने टारगेट पर बड़ा नुकसान पहुंचाया। ये अभियान पाकिस्तानी सेना द्वारा हाल ही में काबुल और बगराम पर किए गए हवाई हमलों के जवाब में किए गए थे।” मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि यदि पाकिस्तान अफगान हवाई क्षेत्र का और उल्लंघन करता है या कोई आक्रामक कार्रवाई करता है, तो उसका जवाब तेज, निर्णायक और संतुलित होगा। ये घटनाएं ऐसे समय में हुई हैं जब पाकिस्तान ने अफगान तालिबान प्रशासन के खिलाफ खुला युद्ध घोषित किया था और सीमा पर अफगान-पाकिस्तानी बलों के बीच झड़पें हुई थीं। पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार को काबुल और कंधार में हवाई हमले किए थे, जबकि अफगान बलों ने इसके जवाब में पाकिस्तानी सीमा सैनिकों पर हमला किया। मंत्रालय ने दोबारा चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान किसी भी तरह से अफगान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करता है या आक्रामक कदम उठाता है, तो उसका जवाब तेज, निर्णायक और संतुलित होगा। नूर खान एयरबेस को पहले भारत के ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025) के दौरान भी निशाना बनाया गया था। इसके बाद इस एयरबेस की मरम्मत और पुनर्स्थापना की गई थी। यह रावलपिंडी के पास पाकिस्तान एयर फोर्स का महत्वपूर्ण ठिकाना है।
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इसके साथ ही, तालिबान ने दावा किया कि 32 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हुई, जिन्हें उसने अपने जवाबी हवाई हमलों का परिणाम बताया। मंत्रालय के अनुसार, ये ऑपरेशन 203 मन्सूरी, 201 सिलाब और 205 अल-बदर कोर द्वारा किए गए, जिसमें कई सैनिक मारे गए, 10 घायल हुए और चार सैन्य चौकियां नष्ट हुईं। मंत्रालय के उप प्रवक्ता ने कहा कि अफगान बलों ने पाकिस्तान की सेना के दो ड्रोन भी मार गिराए। सेदीकुल्लाह नसरत, रक्षा मंत्रालय के उप प्रवक्ता ने कहा, "देश की रक्षा सेनाओं ने कल रात लेजर हथियार और आधुनिक उपकरण का इस्तेमाल करके नंगरहार, पाक्तिया, खोस्त और कंधार प्रांतों में दुश्मन पर आक्रामक अभियान चलाए, जिनका नेतृत्व 203 मन्सूरी, 201 खालिद बिन वलीद और 205 अल-बदर कोर ने किया।"
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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