ईरान के जवाबी हमले में अमेरिका के 3 सैनिकों की मौत, 5 घायल, ट्रंप बोले- बदला लेंगे, ज्यादा मौतें होंगी
वाशिंगटन/तेहरान। ईरान ने अमेरिका और इजराइली ठिकानों पर रविवार को सैकड़ों जवाबी हमले किए, जिसमें कुवैत में तैनात अमेरिकी सेना के तीन जवान मारे गए और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इन मौतों का बदला लेंगे।
वाशिंगटन पोस्ट और न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मारे गए सैनिक कुवैत में अमेरिकी सैन्य बेस के थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने एक्स पोस्ट में कहा कि कई अन्य सैनिकों को मामूली चोटें आईं। सेंटकॉम ने कहा कि मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस जारी हैं और हमारा जवाबी प्रयास चल रहा है। स्थिति तरल है। मृतकों के नाम उनके परिजनों को सूचित होने के 24 घंटे बाद जारी किए जाएंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक वीडियो में कहा, "हम उन सच्चे अमेरिकी देशभक्तों के लिए शोक मना रहे हैं जिन्होंने राष्ट्र के लिए अंतिम बलिदान दिया। दुख की बात है कि इससे पहले और मौतें होंगी। यही हालात हैं। अमेरिका उनके मौत का बदला लेगा और आतंकवादियों को सभ्यता के खिलाफ युद्ध छेड़ने की सबसे सख्त सजा देगा।"
ये भी पढ़ें अमेरिका-ईरान तनाव को लेकर यूरोपीय देशों का अलर्ट जारी, अपने नागरिकों से की मिडिल ईस्ट छोड़ने की अपीलट्रंप ने ईरान को कभी परमाणु हथियार बनाने से रोकने का लक्ष्य बताया। जून में उन्होंने ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमले का आदेश दिया था, जिन्हें नष्ट कर दिया गया था। अब उन्होंने ईरान में सत्ता परिवर्तन की मांग की और ईरानियों से अपनी सरकार पर कब्जा करने को कहा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ये मौतें तब हुईं जब अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने आधा दर्जन देशों में अमेरिकी मिलिट्री ठिकानाें को निशाना बनाकर जवाबी हमले शुरू किए। ये हमले ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले के बाद हुए, जिसे “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” कहा गया। इसमें हवा, ज़मीन और समुद्र से बमबारी शामिल थी।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक अमेरिकी सेना ने अब तक 1,000 से अधिक लक्ष्यों को नष्ट किया है। इनमें नेवी के जहाज और पनडुब्बियां, मिसाइल साइट्स, कम्युनिकेशन नेटवर्क और ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर शामिल हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसे ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को तेजी से खत्म करने की “बहुत आक्रामक” रणनीति बताया। हालांकि सूत्रों के अनुसार ईरान ने भी रातभर दर्जनों मिसाइलें और अटैक ड्रोन लॉन्च किए, जिन्हें ट्रैक किया गया।
इस बीच, ऐसा भी दावा किया जा रहा था कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अमेरिका के एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन पर हमला किया था। हालांकि, सेंटकॉम ने इन रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा कि कैरियर पर कोई हमला नहीं हुआ था और मिसाइलें पास नहीं आईं।
अधिकारियों ने कहा कि एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन ईरानी शासन से खतरों का मुकाबला करने के लिए ऑपरेशन में मदद के लिए एयरक्राफ्ट लॉन्च करना जारी रखे हुए है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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