पाकिस्तान में गृहयुद्ध जैसे हालात: कराची, लाहौर और इस्लामाबाद में भारी आगजनी, सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 12 की मौत
इस्लामाबाद/कराची: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने पूरे पाकिस्तान को सुलगने पर मजबूर कर दिया है। कराची से लेकर लाहौर और इस्लामाबाद तक, देश के प्रमुख शहर हिंसा और उपद्रव की चपेट में हैं। सबसे भयावह स्थिति कराची में देखने को मिली, जहां अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (कांसुलेट) पर हुए हमले और उसके बाद सुरक्षा बलों व मरीन की जवाबी कार्रवाई में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में प्रदर्शनकारी, रेंजर्स के जवान और आम नागरिक शामिल हैं।
रणक्षेत्र बना कराची का रेड जोन
कराची में दोपहर तक शांतिपूर्ण दिख रहा विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। सैकड़ों की तादाद में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी कांसुलेट के मुख्य गेट को हथौड़ों और लोहे की रॉड से तोड़ दिया। उग्र भीड़ परिसर के भीतर दाखिल हो गई और वहां खड़े वाहनों व सुरक्षा चौकियों को आग के हवाले कर दिया। देखते ही देखते पूरी इमारत काले धुएं के गुबार से घिर गई। स्थिति को बेकाबू होते देख सुरक्षा बलों ने पहले आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया, लेकिन भीड़ के पीछे न हटने पर सीधी गोलीबारी शुरू हो गई, जिसमें भारी संख्या में लोग हताहत हुए हैं।
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ये भी पढ़ें अफगान-पाकिस्तान में भीषण सैन्य संघर्ष शुरू: दोनों देशों ने किया एक दूसरे के भारी नुकसान का दावाहिंसा की आग केवल कराची तक सीमित नहीं रही। लाहौर और राजधानी इस्लामाबाद में भी हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कई स्थानों पर तोड़फोड़ की। पीओके (POK) के स्कर्दू शहर से भी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा बलों के साथ झड़प की खबरें आ रही हैं। पूरे देश में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को आंशिक रूप से बाधित कर दिया गया है ताकि अफवाहों को रोका जा सके।
अस्पतालों में इमरजेंसी, हाई अलर्ट पर सेना
हिंसक झड़पों में घायल हुए 50 से अधिक लोगों को कराची के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत बेहद नाजुक है। पाकिस्तान सरकार ने बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रमुख शहरों में सेना और अर्धसैनिक बलों (रेंजर्स) की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात कर दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। फिलहाल पाकिस्तान के इन तीनों बड़े शहरों में कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी हुई है और प्रशासन प्रदर्शनकारियों से शांति की अपील कर रहा है, लेकिन तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
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