ब्राजील में भारी बारिश से अब तक 68 की मौत, मलबों में खोजे जा रहे हताहत
ब्रासिलिया। ब्राजील के दक्षिण पूर्वी प्रांत मिनस गेरेस में भारी बारिश से मरने वालों की संख्या 68 तक पहुंच गई है। इनमें से जुइज डे फोरा शहर में अब तक 62 की मौत हो चुकी है जबकि उबा में भी छह की जान जा चुकी है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक मरने वालों की संख्या बढ़ने का मुख्य कारण मलबों से शव मिलने और इलाज के दौरान घायलों की मौत है। जुइज डे फोरा शहर में अब भी तीन और उबा में दो लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है। राहत एवं बचाव दल ने गिरे हुए घरों में तलाशी अभियान जारी रखा है।
ये भी पढ़ें अफगान-पाकिस्तान में भीषण सैन्य संघर्ष शुरू: दोनों देशों ने किया एक दूसरे के भारी नुकसान का दावाप्रशासन की ओर से भारी मशीनरी, खोजी कुत्तों और बचाव दल के सदस्यों की मदद से मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश करने का काम जारी है। इलाके में सोमवार दोपहर को भारी बारिश के चलते नदियों में उफान आने से कई पुल और अंडरपास तबाह हो गए थे, जबकि कई पेड़ गिरने से सड़कें बाधित हो गईं। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने पीड़ित लोगों के परिजनों और बचाव में जुटे कर्मियों के लिए संवेदना जताई है। वहीं, मिनस गेरेस के गवर्नर रोमियो जेमा ने प्रांत में तीन दिन के शोक की घोषणा की है। उधर, रक्षा मंत्रालय ने इमरजेंसी के तहत प्रभावित इलाकों में टुकड़ियों की मदद से मलबों को हटाने, खाद्य सामग्री पहुंचाने, अस्थायी शिविर बनाने और मानवीय मदद पहुंचाने की पहल की है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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