मुज़फ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में हो रहा था महिला उत्पीड़न, तकनीशियन की मौत से 'खुला राज', चार आरोपी गिरफ्तार
विभाग में उत्पीड़न, धमकी और मशीनरी में गड़बड़ी का काला सच आया सामने, जांच जारी
मुज़फ्फरनगर: स्थानीय मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को एक्स-रे तकनीशियन की मौत के बाद अब मामला एक नया मोड़ ले चुका है। मृतक के कमरे से बरामद एक वीडियो और दो पन्नों के पत्र ने पूरे परिसर में हड़कंप मचा दिया है। इस पत्र में विभागाध्यक्ष समेत पांच कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
वीडियो और पत्र में छिपा है 'सच'
ये भी पढ़ें आचार्य प्रमोद कृष्णम ने उठाई जिले का नाम बदलने की मांग, बोले— "मुजफ्फरनगर का नाम हो लक्ष्मी नगर"जालौन जिले के पिपरी नूरपुर निवासी 35 वर्षीय रामकुमार पुत्र निर्भय सिंह मेडिकल कॉलेज के एक्स-रे विभाग में रेडियोलॉजी तकनीशियन के पद पर कार्यरत थे। शुक्रवार को जब उनका शव कमरे में मिला, तो पुलिस को मौके से एक पत्र और वीडियो मिला, जो अब इस पूरे मामले की सबसे बड़ी कड़ी बन गया है। पत्र में विभाग के कर्मचारियों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है।
विभागाध्यक्ष पर भी गंभीर आरोप
पीड़ित ने अपने पत्र में विभाग के ही राहुल त्यागी, दीपशिखा, कालूराम और सीमा नामक कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पत्र में लिखा है कि ये लोग एक महिला कर्मचारी को लगातार परेशान करते थे और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते थे। जब रामकुमार ने इसका विरोध किया, तो उसे ही निशाना बनाया जाने लगा। आरोप है कि विभागाध्यक्ष ने भी कर्मचारियों को अपने कार्यालय में बुलाकर धमकाया कि यदि किसी ने इन चार लोगों के खिलाफ मुंह खोला तो उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी जाएगी। पत्र में एक्स-रे और सीआर मशीन से जुड़े कुछ पुराने मामलों तथा विभागीय गड़बड़ियों का भी उल्लेख किया गया है।
रामकुमार ने आरोप लगाया कि सच्चाई सामने लाने पर उसे फंसाने की साजिश रची जा रही थी। निरंतर प्रताड़ना से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो चुका था और उसे मौत के अलावा कोई अन्य रास्ता नजर नहीं आ रहा था।
मृतक की पत्नी अंजुल ने अपने पति के विभाग में कार्य करने वाले मेडिकल के चारों कर्मचारियों राहुल त्यागी, कालूराम, दीप शिखा तथा विभागाध्यक्ष सीमा के खिलाफ मानसिक उत्पीड़न करने तथा आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव अपने साथ ले गए हैं।
अंजुल ने बताया कि मेडिकल में एक लड़की वार्ड आया के रूप में कार्य करती थी। ये सभी लोग उसको परेशान करते थे। एक दिन उसके पति ने उसका पक्ष लेते आरोपियों का विरोध जताया था। परेशान होकर उस लड़की ने भी जॉब छोड़ दी थी। उस लड़की की भी जांच होनी चाहिए। पुलिस ने आरोपियों का चालान कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई
थाना प्रभारी आनंद देव मिश्र ने बताया कि मृतक द्वारा छोड़े गए वीडियो और पत्र को साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया गया है। तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत करते हुए पुलिस ने नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामला बेहद गंभीर है और विभाग में चल रही इन संदिग्ध गतिविधियों की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। इस घटना के बाद से कॉलेज परिसर में भारी तनाव है और हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि आखिर विभागीय गड़बड़ियों का यह खेल कब से चल रहा था।
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लेखक के बारे में
पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय मौहम्मद शाहनवाज मुज़फ्फरनगर के एक प्रतिष्ठित और विश्वसनीय पत्रकार हैं। वर्तमान में आप राष्ट्रीय सहारा के जिला प्रभारी (मुज़फ्फरनगर) के रूप में कार्यरत हैं और साथ ही उत्तर प्रदेश के प्रमुख मीडिया संस्थान रॉयल बुलेटिन में संवाद सहयोगी की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। डेढ़ दशक के लंबे अनुभव के साथ मौ. शाहनवाज ने अपनी प्रखर लेखनी से राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर गहरी छाप छोड़ी है। उनसे मोबाइल नंबर 9058673434 पर संपर्क किया जा सकता है।

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