ईरान का युग अंत: सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि, इजरायल-अमेरिका के हमले में ढेर
तेहरान के सुरक्षित कंपाउंड पर हुआ भीषण मिसाइल हमला, पूरे ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक; मध्य-पूर्व में युद्ध के नए आयाम
तेहरान/वॉशिंगटन। मध्य-पूर्व की राजनीति में एक ऐतिहासिक और विनाशकारी मोड़ आ गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता (सुप्रीम लीडर) अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो गई है। इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए एक संयुक्त 'सर्जिकल स्ट्राइक' में खामेनेई के तेहरान स्थित निजी कंपाउंड को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। देश के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB और फार्स न्यूज एजेंसी ने पुष्टि की है कि शनिवार सुबह अपने कार्यालय में ड्यूटी के दौरान हुए हमले में खामेनेई ने दम तोड़ दिया।
हमले का भयावह मंजर: सुरक्षित ठिकाना बना मौत का मैदान
इजरायल और अमेरिका ने शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक एक व्यापक ऑपरेशन को अंजाम दिया। सैटेलाइट तस्वीरों में तेहरान के जिस कंपाउंड से काला धुआं उठता दिखा, वहीं खामेनेई मौजूद थे। हमलों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उनके परिवार के कई सदस्य—बेटी, दामाद, पोती और बहू—भी मलबे में दबे पाए गए। इजरायली अधिकारियों ने दावा किया है कि उनके पास मलबे से बरामद खामेनेई के शव की तस्वीरें मौजूद हैं, जिससे इस पुष्टि पर कोई संदेह नहीं बचा है।
ट्रंप का बड़ा बयान: "इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक का अंत"
इस ऑपरेशन को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया में इसे एक 'सफल मिशन' करार दिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, "इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक, खामेनेई मर चुका है।" व्हाइट हाउस सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के अन्य शीर्ष नेतृत्व पर भी कार्रवाई की गई है और यह ऑपरेशन उनके परमाणु कार्यक्रम को रोकने की दिशा में निर्णायक कदम है।
ईरान में मातम और बदले की आग
सुप्रीम लीडर की मृत्यु की पुष्टि होते ही ईरान की सरकार ने पूरे देश में 40 दिन के सार्वजनिक शोक और 7 दिन की राजकीय छुट्टी की घोषणा कर दी है। राजधानी तेहरान में हाहाकार मचा है। टीवी एंकरों को ऑन-एयर रोते हुए देखा गया है, जबकि सड़कों पर आम जनता का आक्रोश उबल रहा है। एक तरफ जहां पूरा देश स्तब्ध है, वहीं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडरों ने चेतावनी दी है कि ईरान की प्रतिक्रिया "अकल्पनीय" होगी। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखकर इसे आक्रामक हमला करार दिया है और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी-इजरायली ठिकानों को 'वैध लक्ष्य' घोषित कर दिया है।
युद्ध के मुहाने पर मध्य-पूर्व
यह घटना उस समय हुई है जब ईरान अपने परमाणु प्रतिष्ठानों (नतांज, फोर्दो, इस्फहान) को बचाने की आखिरी कोशिशों में था। अब अयातुल्ला खामेनेई की मौत ने तेहरान की सत्ता और भविष्य को अनिश्चितता के अंधेरे में धकेल दिया है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इस कार्रवाई को 'एहतियाती हमला' बताया है, लेकिन विश्व शक्तियां अब एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध के डर से थर्रा रही हैं।
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