मुरादाबाद में मंत्री अनिल कुमार की बैठक में 'मेयर' ने की शिकायत-'डीएम' नहीं उठाते फोन, 'एसएसपी' ने दिया जवाब तो गूंजे ठहाके !
समीक्षा बैठक में अधिकारियों की कार्यशैली पर उठे सवाल, प्रभारी मंत्री अनिल कुमार ने लगाई फटकार और दिए सख्त निर्देश
मुरादाबाद: प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में विकास कार्यों की समीक्षा के लिए सर्किट हाउस में आयोजित बैठक उस समय हंगामेदार हो गई, जब जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संवादहीनता का मुद्दा खुलकर सामने आया। बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री अनिल कुमार के सामने उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई, जब मुरादाबाद के मेयर विनोद अग्रवाल ने जिलाधिकारी (DM) अनुज सिंह की कार्यशैली पर सीधा सवाल खड़ा कर दिया।
मेयर ने डीएम अनुज सिंह पर लगाया फोन न उठाने का आरोप
बैठक के दौरान जैसे ही विकास कार्यों की समीक्षा शुरू हुई, मेयर विनोद अग्रवाल ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जिलाधिकारी अनुज सिंह उनका फोन नहीं उठाते हैं। मेयर ने मंत्री के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि, "यदि एक जनप्रतिनिधि का फोन अधिकारी द्वारा नहीं उठाया जा रहा है, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान किस प्रकार होगा? यह प्रशासनिक उदासीनता का जीता-जागता उदाहरण है।" मेयर की इस शिकायत ने बैठक में मौजूद अन्य अधिकारियों को भी सकते में डाल दिया।
कप्तान सतपाल अंतिल की टिप्पणी ने बदली फिजा
इस गर्मागर्म माहौल को थोड़ा हल्का करने और चुटकी लेने के अंदाज में, जिले के वरिष्ठ पुलिस कप्तान (SSP) सतपाल अंतिल ने टिप्पणी करते हुए कहा, "फोन भारी है ना... आपने हल्का फोन लिया नहीं।" कप्तान की इस व्यंग्यात्मक टिप्पणी के बाद बैठक में मौजूद लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाए और एक पल के लिए माहौल में ठहाके गूंज उठे। हालांकि, हंसी के पीछे का मुद्दा बेहद गंभीर था, जो प्रशासनिक जवाबदेही पर सवालिया निशान लगा रहा था।
प्रभारी मंत्री ने दी चेतावनी
हंगामे को देखते हुए प्रभारी मंत्री अनिल कुमार ने मामले में हस्तक्षेप किया और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और आम जनता के फोन कॉल्स का जवाब देना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल होना अनिवार्य है और इसमें लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद से ही प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों की जनता के प्रति जवाबदेही को लेकर सोशल मीडिया पर आम जनता में तीखी बहस छिड़ गई है। लोग अधिकारियों के अहंकार और आम आदमी की समस्याओं के प्रति उनकी अनदेखी पर लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
प्रशासनिक जवाबदेही पर उठे बड़े सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद एक बार फिर प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े हो गए हैं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच संवाद की कमी को लेकर यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।
फिलहाल, यह देखना होगा कि प्रभारी मंत्री के निर्देशों के बाद अधिकारियों की कार्यशैली में कितना बदलाव आता है।
मुरादाबाद की इस बैठक ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल की कमी को उजागर कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो अब लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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