सतत उद्यमिता के लिए नवाचार, नैतिकता और सहयोग अनिवार्य, टीएमयू में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन, छात्रों ने दिखाई उत्साही भागीदारी
मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (टिमिट) द्वारा आईएसटीडी मुरादाबाद चैप्टर के तत्वावधान में “उभरती अर्थव्यवस्थाओं में नवाचार प्रेरित उद्यमिता: सतत विकास के लिए रणनीतियां” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित हुई, जिसमें वक्ताओं ने नवाचार, नैतिकता, सहयोग और संस्थागत समर्थन को सतत उद्यमिता के लिए अनिवार्य बताया।
संगोष्ठी में 300 से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर “एसडीजीएस एंड इनोवेशन: एंटरप्रिन्यूरियल स्ट्रेटेजीज एंड स्टार्टअप परसेप्टिव्स” नामक पुस्तक का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ तथा अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर किया गया। संचालन स्टूडेंट पर्व जैन ने किया।
नैतिक चिंतन के साथ हो एआई का उपयोग
ये भी पढ़ें "सहारनपुर में भाजपा का बड़ा बदलाव: अजीत सिंह राणा बने नए जिलाध्यक्ष, कार्यकर्ताओं में जश्न"मुख्य अतिथि के रूप में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के प्रबंधन अध्ययन संस्थान की पूर्व निदेशक प्रो. संगीता जैन ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एक अत्यंत शक्तिशाली तकनीक है, लेकिन अंतिम निर्णय हमेशा मानवीय विवेक और दूरदर्शिता पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग नैतिकता और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए, ताकि नवाचार समाज के व्यापक हित में हो। उन्होंने स्पष्टता, सहयोग और विश्वसनीयता को एआई आधारित उद्यमों की नींव बताया।
सफलता के लिए धैर्य और लचीलापन जरूरी
मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़ के व्यवसाय प्रबंधन संस्थान के डॉ. सिद्धार्थ जैन ने कहा कि स्टार्टअप की सफलता के लिए रणनीतिक योजना, जोखिम प्रबंधन और संसाधनों का प्रभावी उपयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उद्यमिता में तनाव प्रबंधन बेहद जरूरी है और अनिश्चित परिस्थितियों में धैर्य व लचीलापन ही दीर्घकालिक सफलता की कुंजी है।
उन्होंने स्टार्टअप्स को निरंतर सीखने, फीडबैक स्वीकार करने और समय के अनुसार खुद को ढालने की सलाह दी।
अवसरों के प्रति सजग रहें उद्यमी
सीए एवं उद्यमी अभिनव अग्रवाल ने कहा कि केवल आर्थिक सफलता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत संतोष और खुशहाली भी जरूरी है। उन्होंने युवाओं को हमेशा सजग और अवसरों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।
उन्होंने सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और अनुपालन से जुड़ी जानकारी विस्तार से साझा की।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल एक उपकरण: वीसी
टीएमयू के कुलपति एवं आईएसटीडी मुरादाबाद चैप्टर के अध्यक्ष प्रो. वीके जैन ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल एक उपकरण है, निर्णय लेने की अंतिम जिम्मेदारी मनुष्य की ही है। उन्होंने प्रभावी नेतृत्व, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण और निरंतर सीखने पर बल दिया।
इस दौरान प्रो. अमित कंसल ने संस्थागत सहयोग और अवसरों पर प्रकाश डालते हुए आईएसटीडी की भूमिका और टीएमयू के उद्यम प्रोत्साहन केंद्र की उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने छात्रों से उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
नवाचार आधारित उद्यमिता ही विकास की कुंजी
टिमिट के निदेशक एवं आईएसटीडी मुरादाबाद के सचिव प्रो. विपिन जैन ने कहा कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं में नवाचार आधारित उद्यमिता ही सतत विकास का आधार है। उन्होंने छात्रों को शोध, कौशल और व्यावहारिक ज्ञान के समन्वय से आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि सफल उद्यमिता के लिए उत्पाद, सेवाओं, प्रक्रियाओं और बिजनेस मॉडल में निरंतर नवाचार जरूरी है। साथ ही स्टार्टअप शुरू करने से पहले बाजार, उपभोक्ता मांग, प्रतिस्पर्धा और वित्तीय व्यवहार्यता का गहन अध्ययन करना चाहिए।
विशेषज्ञों की रही उपस्थिति
राष्ट्रीय संगोष्ठी में डॉ. चंचल चावला, डॉ. सतेन्द्र आर्य, डॉ. विभोर जैन, डॉ. मोहित रस्तोगी, डॉ. राजीव वर्मा, डॉ. प्रतिभा शर्मा, डॉ. चारुल वर्मा, श्रीमती दीप्ति वर्मा और श्रीमती अंशु चौहान सहित अनेक शिक्षाविद एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने छात्रों और प्रतिभागियों को उद्यमिता, नवाचार और सतत विकास के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर प्रदान किया।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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