जर्मनी में 10 हजार करोड़ के निवेश का मार्ग प्रशस्त कर लौटे केशव मौर्य और सुनील शर्मा, एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत
मेरठ। जर्मनी में आयोजित 'उत्तर प्रदेश इन्वेस्टमेंट रोड शो' को ऐतिहासिक सफलता दिलाकर राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा स्वदेश लौट आए हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही हजारों उत्साहित कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और फूलों की बारिश के साथ दोनों नेताओं का भव्य स्वागत किया। इस निवेश यात्रा के दौरान जर्मनी के उद्योग जगत ने उत्तर प्रदेश की आर्थिक नीतियों पर भरोसा जताते हुए करीब 10 हजार करोड़ रुपये के एमओयू (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
एयरपोर्ट पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब निवेश के लिए विश्व पटल पर सर्वश्रेष्ठ गंतव्य बन चुका है। उन्होंने बताया कि जर्मनी के प्रमुख औद्योगिक समूहों ने प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और एक्सप्रेसवे नेटवर्क में गहरी रुचि दिखाई है। सुनील शर्मा ने कहा कि भारत की युवा शक्ति आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक विकास का नेतृत्व करेगी और उत्तर प्रदेश इसमें सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इन समझौतों से प्रदेश में रोजगार के लाखों नए अवसर सृजित होंगे।
विपक्षी दलों द्वारा मतदाता सूची में नाम कटने (एसआईआर प्रक्रिया) और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर किए जा रहे हमलों पर कैबिनेट मंत्री ने तीखा पलटवार किया। समाजवादी पार्टी के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि वोटों के कटने से किसी को परेशानी होनी चाहिए, तो वह भाजपा है, क्योंकि उनकी अपनी साहिबाबाद विधानसभा में जहां भाजपा को 68 प्रतिशत वोट मिलता है, वहां भी बड़ी संख्या में नाम कटे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2027 के चुनाव में भाजपा और एनडीए की किसी से कोई टक्कर नहीं है।
ये भी पढ़ें शंकराचार्य पर यौन शोषण के आरोप, गिरफ्तारी के डर से हाईकोर्ट पहुंचे, IPS अफसर पर बरसे शंकराचार्य अवैध निर्माण और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के सवाल पर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि प्रदेश में अवैध निर्माण चाहे मजार हो या किसी अन्य धर्म का ढांचा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने साफ किया कि योगी सरकार में कानून सबके लिए बराबर है। अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर नागरिक सुरक्षित है और सरकारी योजनाओं जैसे फ्री राशन और बिजली का लाभ बिना किसी भेदभाव के हिंदुओं के बराबर ही अल्पसंख्यकों को मिल रहा है। हालांकि, शंकराचार्य विवाद और जिला अध्यक्षों की सूची में महिलाओं की भागीदारी जैसे संवेदनशील सवालों पर उन्होंने फिलहाल कोई भी टिप्पणी करने से परहेज किया।
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