बहराइच में पुलिस हिरासत में मेडिकल स्टोर संचालक की मौत, थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज
बहराइच। उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच में गुरुवार रात रामगांव थाना में पूछताछ के समय 55 वर्षीय आराेपित मेडिकल स्टोर संचालक की मौत हो गई। परिजनों के प्रदर्शन और आरोपों के बाद इस प्रकरण में थानाध्यक्ष गुरुसेन सिंह समेत तीन पुलिस कर्मियों पर एफआईआर दर्ज की गई है । मेडिकल स्टोर संचालक राकेश श्रीवास्तव पर एक किशोरी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप था। इसी मामले में पुलिस उन्हें पकड़ कर थाना लायी थी।
इस प्रकरण में एक व्यक्ति ने रामगांव थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया था कि रामगांव निवासी उसका परिचित मेडिकल स्टोर संचालक राकेश श्रीवास्तव 22 फरवरी को उसके घर आया और उसकी 10 वर्षीय नाबालिग पुत्री से पहले छेड़छाड़ और फिर दुष्कर्म किया। शिकायत मिलने के बाद थानाध्यक्ष ने गुरुवार की रात आरोपित राकेश श्रीवास्तव को कुड़वा चौराहा स्थित उसके मेडिकल स्टोर से पकड़ा। पूछताछ के लिए उसे थाने ले गए और आराेप है कि थाने आए परिजनाें काे काेई जानकारी नहीं दी। इस बीच रात में पुलिस तबीयत खराब होने की बात कहते हुए राकेश को उसके घर के सामने छोड़ चली गई और परिजनों को कोई जानकारी नहीं दी।घरवालें रात दो बजे के आसपास उसे लेकर मेडिकल काॅलेज पहुंचे,जहां डॉक्टरों ने राम गोपाल के मृत घाेषित कर दिया।
मेडिकल कॉलेज से परिजन शव लेकर थाने पहुंचे और पुलिस पर जहर देकर व पीट पीट कर हत्या करने के आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे । लगातार भीड़ बढ़ती गई और पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूलने लगे। स्थिति नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों ने जिले के अन्य थानों से पुलिस बुलाई। क्षेत्राधिकारी पवन कुमार ने परिजनों को समझाया, लेकिन वे परिजन थानाध्यक्ष पर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग पर अड़ गए।
क्षेत्राधिकारी पवन कुमार ने शुक्रवार काे बताया कि परिजनों व अन्य लोगों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया गया है। मृतक के पुत्र अनिकेत श्रीवास्तव की तहरीर पर थानाध्यक्ष गुरुसेन सिंह व थाना के अन्य पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि अब स्थिति सामान्य है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनाें के सुपुर्द कर दिया है। निष्पक्ष विवेचना के लिए मामले की जांच रामगांव थाना से हटाकर कोतवाली देहात बहराइच को सौंप दी गई है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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