एसआईआर ड्यूटी में तैनात बीएलओ लापता, व्हाट्सएप पर ‘गुडबाय’ मेसेज ने बढ़ाई चिंता
लखनऊ । विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्य में लगे लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार निवासी बीएलओ दिलीप सिंह सोमवार सुबह अचानक लापता हो गए। शाम को उनके मोबाइल से बीएलओ के व्हाट्सएप ग्रुप में ‘गुडबाय’ संदेश आने के बाद मामला गंभीर हो गया। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर क्राइम ब्रांच समेत कई टीमों को उनकी तलाश में लगाया है। दिलीप सिंह मूल रूप से लखीमपुर खीरी के परसिया गांव के रहने वाले हैं और बीकेटी के भौली-2 में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत हैं। वह जानकीपुरम विस्तार के सेक्टर-3 में किराये के मकान में पत्नी दीपिका सिंह, बेटियों अनन्या और आकृति तथा बेटे सार्थक के साथ रहते हैं।
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परिजनों के अनुसार सोमवार सुबह बीएलओ वीरेंद्र का फोन आने पर दिलीप सिंह करीब 11 बजे घर से पैदल निकले थे। उन्होंने पत्नी से नाश्ता तैयार करने को कहा था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। पत्नी द्वारा कई बार फोन करने पर भी उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया और कुछ देर बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। अन्य सहकर्मियों से संपर्क करने पर भी उनकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी। पुलिस जांच में उनके मोबाइल की आखिरी लोकेशन जुग्गौर क्षेत्र में पाई गई है।
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शाम 5:40 बजे बीएलओ के व्हाट्सएप ग्रुप में दिलीप सिंह के मोबाइल से संदेश आया, जिसमें लिखा था कि वह एसआईआर का कार्य छोड़कर जा रहे हैं और नोटिस फॉर्म उनकी बाइक के झोले में रखे हैं, जो घर पर खड़ी है। उन्होंने संदेश के अंत में ‘गुडबाय’ भी लिखा। इसके कुछ मिनट बाद एक और संदेश आया, जिसमें एसडीएम बीकेटी पर दबाव बनाने का आरोप लगाया गया। वहीं एसडीएम बीकेटी साहिल कुमार ने दबाव बनाने के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि दिलीप सिंह जिम्मेदार बीएलओ थे और उनके साथ किसी प्रकार का अनुचित दबाव नहीं बनाया गया। फिलहाल पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस मोबाइल लोकेशन व अन्य साक्ष्यों के आधार पर उनकी तलाश में जुटी है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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