शंकराचार्य पर FIR को लेकर उठाए इमरान मसूद ने सवाल, कहा है “सनातन के रक्षक”
सहारनपुर। कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद इमरान मसूद ने शंकराचार्य के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने शंकराचार्य का पुरजोर समर्थन करते हुए उन्हें 'सनातन धर्म का सच्चा रक्षक' करार दिया। मसूद के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है, जिसमें उन्होंने धर्मगुरुओं के सम्मान और उनकी अभिव्यक्ति की आजादी का मुद्दा उठाया है।
इमरान मसूद ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि शंकराचार्य जैसे उच्च पद पर आसीन धर्मगुरु, जो सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए समर्पित हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि धर्म के सर्वोच्च ज्ञाता ही सुरक्षित नहीं होंगे और अपनी बात नहीं रख पाएंगे, तो समाज में क्या संदेश जाएगा। मसूद ने दो टूक शब्दों में कहा कि वह सनातन धर्म के मूल्यों और उसके रक्षकों का सम्मान करते हैं और इस तरह की कार्रवाई प्रतिशोध की राजनीति का हिस्सा लगती है।
सहारनपुर सांसद ने जोर देकर कहा कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी सभी को है, विशेषकर उन लोगों को जो समाज का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाते हुए कहा कि पूजनीय संतों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना धार्मिक भावनाओं को आहत करने जैसा है। मसूद के अनुसार, शंकराचार्य ने सदैव मर्यादाओं का पालन किया है और उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई अनुचित है।
इस बयान के बाद विपक्षी खेमे और धार्मिक संगठनों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां कुछ लोग इसे इमरान मसूद की 'सर्वधर्म समभाव' वाली राजनीति का हिस्सा मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे आगामी चुनावों से पहले की रणनीति देख रहे हैं। फिलहाल, इमरान मसूद के इस स्टैंड ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह धार्मिक गुरुओं के अपमान के मुद्दे पर मुखर होकर अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
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