मुजफ्फरनगर के खतौली में किसान गोष्ठी आयोजित, वैज्ञानिकों ने ट्रेंच विधि और सहफसली खेती पर दिया जोर
लाल सड़न रोग की भेंट चढ़ा को0-0238, अब नई प्रजातियों से संवरेगा किसानों का भविष्य
खतौली(मुजफ्फरनगर)। बसंत कालीन गन्ना बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय में किसानों को उन्नत कृषि क्रियाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को त्रिवेणी चीनी मिल प्रांगण स्थित क्लब हॉल में एक विशाल किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया।
डॉ. अशोक कुमार (उपाध्यक्ष, शुगर) की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस गोष्ठी में विशेषज्ञों ने गन्ने की खेती में आ रही चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की। गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. अशोक कुमार ने किसानों को आगाह किया कि लोकप्रिय गन्ना प्रजाति को0-0238 अब लाल सड़न रोग की चपेट में आ चुकी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इस प्रजाति का विस्थापन करें और इसके स्थान पर को.-0118, को.-15023, को.-98014 तथा को.शा.-18231 जैसी नई और रोग-प्रतिरोधी किस्मों की बुवाई को प्राथमिकता दें।
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वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अवधेश डागर ने संतुलित उर्वरकों के प्रयोग और मृदा स्वास्थ्य पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि गन्ने की अधिक पैदावार के लिए दो आँख के टुकड़ों को फफूंदीनाशक से उपचारित कर ट्रेंच विधि से बुवाई करना सबसे लाभकारी है। वहीं, डॉ. यशपाल सिंह (प्रभारी, केवीके चिन्दौडा) ने सुझाव दिया कि गन्ने के साथ उड़द और मूंग की सहफसली खेती कर किसान अपनी आय में अतिरिक्त वृद्धि कर सकते हैं।
कीट नियंत्रण और पेड़ी प्रबंधन
गन्ना महाप्रबंधक कुलदीप राठी ने को0-0118 की पेड़ी से बेहतर उत्पादन लेने के गुर सिखाए। उन्होंने बताया कि कटाई के बाद ठूठों पर आरएमडी चलाकर इथरल और फफूंदीनाशक का छिड़काव करने से फुटाव में जबरदस्त वृद्धि होती है। वैज्ञानिकों ने कम लागत में कीट नियंत्रण के लिए 'लाइट ट्रैप' और 'फेरोमोन ट्रैप' के उपयोग की भी सलाह दी।
सरकारी योजनाओं का उठाएं लाभ
समिति के सचिव एवं ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक ने किसानों को विभाग द्वारा संचालित फार्म मशीनरी बैंक और एग्रो उत्पाद अनुदान जैसी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से अपना बेसिक कोटा बढ़ाने के लिए शत-प्रतिशत गन्ना आपूर्ति मिल में करने का आह्वान किया। इस अवसर पर मिल के वरिष्ठ अधिकारियों सहित भारी संख्या में प्रगतिशील किसान मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से राजकुमार तोमर, नीरव श्रीवास्तव, नरेंद्र कुमार, संजय राठी और अन्य किसान शामिल थे।
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लेखक के बारे में
वरिष्ठ पत्रकार आरिफ सिद्दीकी पिछले 32 वर्षों से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार के एक अभिन्न स्तंभ हैं। मुज़फ्फरनगर के खतौली क्षेत्र की ज़मीनी समस्याओं और विकास के मुद्दों पर उनकी पकड़ बेमिसाल है। तीन दशकों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारिता करियर में उन्होंने हमेशा सत्य और निष्पक्षता का मार्ग चुना है। विश्वसनीय रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय विषयों पर उनकी गहरी समझ उन्हें क्षेत्र के सबसे अनुभवी पत्रकारों की श्रेणी में खड़ा करती है। खतौली की खबरों के लिए उनसे 9897846483 पर संपर्क किया जा सकता है।

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