यूपी के 47 हजार कर्मियों को आखिरी मौका, 10 मार्च तक बढ़ी समय सीमा, फिर रोक दिया जायेगा वेतन, होगी विभागीय कार्यवाही
लखनऊ । उत्त्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के उन 47 हजार राज्य अधिकारियों कर्मचारियों को कई प्रतिबंधों के साथ एक और मौका दिया है, जिन्हाेंने अब तक मानव संपदा पोर्टल पर चल अचल संपत्ति का विवरण नहीं भरा है। ऐसे अधिकारी - कर्मचारी अब 26 फरवरी से 10 मार्च तक विवरण भर सकते हैं। 31 जनवरी तक 47 हजार 816 अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपना विवरण अपलोड नहीं किया है।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लगातार राज्य अधिकारियों व कर्मचारियों को बार बार ऐसे निर्देश दिए जा रहे हैं कि अपनी चल - अचल संपति मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करें। इसके बाद भी 31 जनवरी तक लगभग 47 हजार अधिकारियों कर्मचारियों ने संबंधित विवरण अपलोड नहीं किया है। अब इन पर सरकार सख्ती कर रही है। शासन ने ऐसे भी निर्देश दिए थे कि विवरण न अपलोड करने वाले अधिकारियों कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलेगा। इतने सख्त आदेश के बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने अपना विवरण नहीं भरा है।
ऐसे में प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से सभी विभागाध्यक्षाें व प्रमुख सचिवाें काे भेजे गये आदेश में निर्देश दिए हैं कि 31 जनवरी तक मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल अचल संपत्ति का विवरण न दर्ज करने वाले अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। इनमें उक्त कार्मिकों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्यवाही की जाएगी। इन कार्मिकों को वर्तमान चयन वर्ष में पदोन्नति पर विचार न किया जाय और उन कार्मिकों को एसीपी न दिया जाय जिन्हें इस वर्ष देय हो। इसी प्रकार उक्त कार्मिकों को विदेश यात्रा और प्रतिनियुक्ति के लिए विजिलेंस क्लीयरेंस न दिया जाय। इतना ही नहीं यह निर्देश दिए गए हैं कि पोर्टल पर विवरण न दर्ज करने वाले कार्मिकों को जनवरी का वेतन भुगतान करने वाले आहरण वितरण अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
शासनादेश में कहा गया है कि 31 जनवरी तक अपना विवरण न दर्ज करने वाले कार्मिक, जो 10 मार्च तक अपनी चल अचल संपत्ति का विवरण अपलोड कर देते हैं, उन्हें ऐसा करने के तुरंत बाद जनवरी व फरवरी 2026 का वेतन भुगतान कर दिया जाएगा। यह संबंधित आहरण वितरण अधिकारी का दायित्व होगा।
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