प्रशांत किशोर की पीएम मोदी को चुनौती: 'अगर शराबबंदी अच्छी है, तो पूरे देश में लागू करें'
शिवहर। जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार में शराबबंदी की सफलता पर सवाल उठाते हुए शनिवार को कहा कि यदि यह कानून महिलाओं के लिए इतना लाभकारी है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे समूचे देश में लागू करें। किशोर आज यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बिहार में शराबबंदी कानून अपने उद्देश्य की प्राप्ति में पूरी तरह विफल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब माफिया, अधिकारियों तथा पुलिस की मिलीभगत के कारण कानून का सही क्रियान्वयन नहीं हो पाया, जिससे प्रदेशवासियों खासकर महिलाओं को शराबबंदी का लाभ नहीं मिल पाया।
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जनसुराज के सूत्रधार ने कहा कि तमाम विफलताओं के बावजूद यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार को लगता है कि शराबबंदी कानून से बिहार की महिलाओं को लाभ हुआ है, तो इसे पूरे देश में लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सुनिश्चित करें कि शराबबंदी पूरे देश में लागू हो और देश भर की महिलाओं को इसका लाभ मिले।
किशोर ने राजस्थान की एक पटाखा फैक्ट्री में लगी भीषण आग में कई बिहारियों की मौत पर नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुप्पी पर भी सवाल उठाये और कहा कि उन्हें इस मामले में संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 10-15 हजार की नौकरी के लिए प्रदेश के बच्चे दूसरे राज्यों में जा रहे हैं, जहां उनका ख्याल करें वाला कोई नही है। जनसुराज के सूत्रधार ने कहा कि बिहार की जनता को इस बात से कोई मतलब नहीं है कि तेजस्वी प्रसाद यादव बिहार विधानसभा में बने रहेंगे या राज्यसभा जाना पसंद करेंगे।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पिछले विधान सभा चुनाव में भले हार गई है लेकिन इससे उनका हौसला कम नही हुआ है। उन्होंने कहा कि फिलहाल पार्टी पुनर्गठन के दौर से गुजर रही है और जिला, प्रखंड तथा वार्ड स्टार पर लोगों को पार्टी से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद पार्टी तय करेगी कि स्थानीय निकायों के चुनाव में उसकी क्या भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि पार्टी सरकार के छह महीने पूरे होने का इंतजार कर रही है, इसके बाद जून महीने से “ बिहार नव निर्माण अभियान” की शुरुआत की जाएगी और सरकार को उसके वादों की विफलता के आधार पर घेरा जायेगा।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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