भारत-फिनलैंड के बीच दोस्ती का नया अध्याय: राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की राजकीय यात्रा शुरू
प्रधानमंत्री मोदी ने किया गर्मजोशी से स्वागत; कल रायसीना डायलॉग में मुख्य भाषण देंगे राष्ट्रपति
नई दिल्ली। भारत की बढ़ती वैश्विक साख के बीच, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब अपनी पहली आधिकारिक राजकीय यात्रा पर भारत पहुँचे, जहां विदेश मामलों के राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने हवाई अड्डे पर स्टब का गर्मजोशी से स्वागत किया। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनका भव्य स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि यह दौरा दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को एक नई दिशा प्रदान करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' के माध्यम से राष्ट्रपति स्टब के संदेश का उत्तर देते हुए कहा कि भारत में आपका स्वागत है। वह आपसे पूरी तरह सहमत हैं कि आपकी यह यात्रा भारत-फिनलैंड संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि वह कल होने वाली द्विपक्षीय बैठक और रायसीना डायलॉग 2026 में राष्ट्रपति स्टब के संबोधन को लेकर बेहद उत्साहित हैं। फिनलैंड के राष्ट्रपति, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से भी मुलाकात करेंगे। स्टब शुक्रवार को मुंबई की यात्रा करेंगे, जहां वे कई व्यापारिक नेताओं से मुलाकात करेंगे। फिनलैंड के नेता शनिवार को अपनी यात्रा समाप्त करेंगे।
व्यापार और तकनीक पर नजर
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने व्यापार, निवेश और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए बुधवार को भारत की चार दिवसीय यात्रा शुरू की। इससे पूर्व, राष्ट्रपति स्टब ने अपनी भारत यात्रा के महत्व को साझा करते हुए बताया कि उनका उद्देश्य व्यापार, निवेश और नवाचार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करना है। इस यात्रा के दौरान वह भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि फिनलैंड की उन्नत तकनीक और भारत के विशाल बाजार के बीच तालमेल से दोनों अर्थव्यवस्थाओं को बड़ा लाभ होगा।
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नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 'रायसीना डायलॉग 2026' में राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल होंगे। उम्मीद है कि वह समकालीन वैश्विक चुनौतियों, नॉर्डिक सुरक्षा और भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी पर फिनलैंड का दृष्टिकोण साझा करेंगे। यह भागीदारी दर्शाती है कि यूरोपीय सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता के मामलों में भारत और फिनलैंड की राय काफी महत्वपूर्ण हो चली है।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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