फरीदाबाद : टेलीग्राम पर टास्क के नाम पर लाखों की ठगी, खाताधारक गिरफ्तार
फरीदाबाद। टेलीग्राम पर टास्क पूरा करने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने के मामले में साइबर थाना एनआईटी पुलिस ने खाताधारक को गिरफ्तार किया है। पुलिस प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि एनआईटी निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना एनआईटी में दी अपनी शिकायत में बताया कि उसके टेलीग्राम पर एक अंजान नंबर से मेसेज आया, जिसमें टेलीग्राम टास्क पुरा कर पैसे कमाने बारे बताया गया था। जिस पर उसने प्रीपेड टेलीग्राम टास्क में अलग-अलग ट्रांजेक्सन के जरिये कुल तीन लाख 22 हजार रुपये निवेश किये, जिसके बाद उसे कोई पैसा वापस नही मिला।
जिस संबंध में साइबर थाना एनआईटी में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने निर्मल तेजी(30) निवासी बिकानेर राजस्थान को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी निर्मल तेजी मामले में खाताधारक है जिसने अपना खाता आगे ठगो को दिया था। आरोपी एक प्राइवेट बैंक में सफाई का काम करता है। खाता में ठगी के 81 हजार रुपए रुपये आये थे। आरोपी को आज अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।
