हिमाचल में भारी हिमपात-तूफान का अलर्ट, अवरुद्ध सड़कों और बिजली का बहाली कार्य जारी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी से राहत की उम्मीद अभी पूरी तरह बनी भी नहीं थी कि मौसम ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए हैं। मौसम विभाग ने आज व कल 27 जनवरी के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार इस दौरान प्रदेश में बारिश, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी, तेज अंधड़ और आसमानी बिजली गिरने की आशंका है। कई स्थानों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन फिर प्रभावित हो सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक 26 जनवरी को प्रदेश के सभी 12 जिलों में अंधड़ और बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट रहेगा। इस दिन कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 27 जनवरी को हालात और बिगड़ने के आसार हैं। चंबा, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में भारी बर्फबारी और तेज तूफान को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि बाकी आठ जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। अनुमान है कि शिमला, कुफरी, मनाली, डलहौजी और अन्य पर्यटन स्थलों पर एक बार फिर बर्फबारी हो सकती है। 28 जनवरी को ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम खराब बना रह सकता है, हालांकि इस दिन कोई औपचारिक अलर्ट नहीं है। 29 जनवरी को मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन 30 जनवरी से 1 फरवरी के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ के असर से फिर मौसम बिगड़ सकता है।
मौसम विभाग ने 27 से 30 जनवरी के बीच कुछ स्थानों पर घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी भी दी है। इस बीच हाल की भारी बर्फबारी से बाधित जनजीवन को पटरी पर लाने की कोशिशें जारी हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में अब भी तीन नेशनल हाइवे और 832 सड़कें बंद हैं। इसके साथ ही 1,942 बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप है, जबकि 245 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। पिछले कल रविवार को मौसम साफ रहने का फायदा उठाते हुए प्रशासन ने 314 सड़कों को बहाल किया और 995 ट्रांसफार्मरों को फिर से चालू किया। शिमला शहर की सभी प्रमुख सड़कों को खोल दिया गया है, लेकिन बर्फ देखने के लिए बड़ी संख्या में सैलानियों के पहुंचने से शहर में दिनभर ट्रैफिक जाम लगा रहा। खासकर शिमला-कालका नेशनल हाइवे पर शहर के प्रवेश द्वार पर लंबा जाम लगने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। जिलावार स्थिति पर नजर डालें तो लाहौल-स्पीति में सबसे ज्यादा 280 सड़कें बंद हैं। शिमला में 234, मंडी में 110, चंबा में 78 और कुल्लू में 64 सड़कें अभी भी बाधित हैं।
लाहौल-स्पीति में दो और कुल्लू में एक नेशनल हाइवे बंद है। बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित रही। शिमला में 789 ट्रांसफार्मर बंद रहे, सिरमौर में 354, मंडी में 284, चंबा में 277 और कुल्लू में 174 ट्रांसफार्मर खराब हैं। पेयजल योजनाओं में शिमला की 131, कुल्लू की 81 और चंबा की 24 योजनाएं ठप हैं। ठंड का असर भी साफ दिखाई दे रहा है। शिमला में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री, मनाली में 0.1, कल्पा में माइनस 2.8, धर्मशाला में माइनस 0.2, ऊना में 2.6, बिलासपुर में 4, मंडी में 5.2, सोलन में 2.2, कुफरी में 4.2 और कुकुमसेरी में माइनस 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के पांच शहरों में तापमान शून्य से नीचे रहा। हालांकि मुश्किलों के बीच बर्फबारी पर्यटन के लिए राहत भी बनकर आई है। शिमला, मनाली और कुफरी जैसे पर्यटन स्थलों में सैलानियों की संख्या बढ़ी है और शिमला में होटलों की ऑक्यूपेंसी 90 से 95 प्रतिशत तक पहुंच गई है। बावजूद इसके मौसम विभाग ने साफ किया है कि राहत फिलहाल अस्थायी है और अगले दो दिन हिमाचल के लिए चुनौतीपूर्ण बने रह सकते हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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