नई दिल्ली। क्रिकेट के प्रति लगाव हो तो खिलाड़ी हो या अंपायर, वे अंतिम समय तक इससे जुड़े रहना चाहते हैं। आईपीएल से जुड़ी ताजा खबरों के बीच एक नाम जो खास चर्चा में है, वह है अनुभवी अंपायर अनिल चौधरी का। आईपीएल के पिछले 17 सत्रों में अंपायरिंग करने वाले अनिल चौधरी इस बार एक नई भूमिका में नजर आएंगे।
हाल ही में 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद चौधरी ने अंपायरिंग से संन्यास लेने का संकेत दिया और अब इस सत्र में कमेंटेटर की भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि अपने विदाई मैच के बाद उन्होंने क्षेत्रीय भाषा में कमेंट्री की शुरुआत की थी और अब 22 मार्च से शुरू होने वाले आईपीएल में हरियाणवी बोली में कमेंट्री करेंगे। इसके अलावा, कभी-कभी हिंदी में भी अपनी आवाज देंगे।
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चौधरी ने पिछले महीने नागपुर में केरल और विदर्भ के बीच रणजी ट्रॉफी फाइनल में आखिरी बार मैदान पर शिरकत की थी। यह उनका विदाई मैच भी था। सितंबर 2023 में उन्होंने अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच अंपायर के रूप में संभाला था। चौधरी 2008 में आईपीएल की शुरुआत से ही इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अंपायरिंग करते रहे हैं। उन्होंने 12 टेस्ट, 49 वनडे और 64 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग की है।
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संन्यास के करीब होने के कारण चौधरी ने पहले से ही अपने भविष्य की योजना बनानी शुरू कर दी थी। उन्होंने पीटीआई से बातचीत के दौरान बताया, “मैं पिछले तीन-चार महीनों से कमेंट्री कर रहा हूं, इसलिए यह बदलाव मेरे लिए सहज रहा। इसके अलावा, मैं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अंपायरिंग और कमेंट्री भी सिखा रहा हूं।”
दिल्ली निवासी चौधरी ने बताया कि अंपायरिंग के दौरान उन्हें एक सत्र में लगभग 15 मैचों में अंपायरिंग करने का मौका मिलता था, जबकि अब उन्हें 50 से अधिक मैचों में कमेंट्री करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा, “पूर्व क्रिकेटर खेल को अपने नजरिए से देखते हैं, जबकि एक अंपायर का दृष्टिकोण अलग होता है। यह बदलाव मेरे लिए मजेदार और रोचक होगा।”
भारत ने विश्व क्रिकेट में अपना दबदबा कायम रखा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में अच्छे अंपायर तैयार करने में पीछे रह गया है। चौधरी ने इसके पीछे के कारणों पर बात करते हुए कहा, “हम मैदान पर बहुत तनाव लेते हैं। कभी-कभी हमारे अंपायर ठीक से भोजन नहीं करते हैं। हम सिद्धांतों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जबकि हमें व्यावहारिक प्रशिक्षण पर अधिक जोर देना चाहिए।”
चौधरी ने नियमों की भावना पर बल दिया। उन्होंने आगे कहा, “कुछ लोग तकनीकी पक्ष पर अत्यधिक ध्यान देते हैं और हमेशा नियमों का हवाला देते हैं, लेकिन यह अंपायरिंग के लिए आदर्श तरीका नहीं है। जो अंपायर केवल किताबी ज्ञान पर भरोसा करते हैं, वे खेल को नुकसान पहुंचाते हैं। हमें नियमों की भावना को समझने की जरूरत है। केवल नियमों का सहारा लेकर कोई आगे नहीं बढ़ सकता।”
आईपीएल 2025 में चौधरी की नई भूमिका उनके लिए और दर्शकों के लिए बेहद खास होने वाली है। हरियाणवी में उनकी कमेंट्री क्रिकेट प्रेमियों को एक नया अनुभव देगी। अंपायरिंग में अपनी छाप छोड़ने के बाद अब वह अपनी आवाज के जादू से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।