योग की ताकत: ओपिओइड विड्रॉल रिकवरी 4 गुना तेज, तनाव होता है दूर
नई दिल्ली। एक नई स्टडी के मुताबिक, योग ओपिओइड विड्रॉल के लक्षणों से तेजी से उबरने में मदद कर सकता है, साथ ही नींद की गुणवत्ता बढ़ती है और दर्द से राहत भी मिलती है। जामा साइकियाट्री जर्नल में प्रकाशित इस रैंडमाइज्ड क्लिनिकल ट्रायल में, भारत के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज (निमहांस), बेंगलुरु और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के शोधकर्ताओं ने 59 पुरुष प्रतिभागियों पर अध्ययन किया, जो ओपिओइड यूज डिसऑर्डर से पीड़ित थे।
दस्त, नींद न आना, बुखार, दर्द, चिंता और डिप्रेशन जैसे शारीरिक लक्षण उभर आते हैं, और ऑटोनोमिक लक्षण जैसे पुतली का फैलना, नाक बहना, रोंगटे खड़े होना, भूख न लगना, जम्हाई आना, जी मिचलाना, उल्टी और पसीना आने लगता है। योग ने हार्ट रेट वैरिएबिलिटी (एचआरवी) में सुधार किया, घबराहट को काफी कम किया, नींद आने में लगने वाला समय 61 मिनट घटाया, और दर्द में राहत दी। शोधकर्ताओं का मानना है कि योग पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम को बैलेंस करता है, जो विड्रॉल के लक्षणों को कम करने में 23 फीसदी योगदान देता है। 2022 में, दुनिया भर में लगभग 60 मिलियन लोगों ने बिना डॉक्टरी इलाज के ओपिओइड का इस्तेमाल किया। भारत में, 2019 के एक नेशनल सर्वे से पता चला कि ओपिओइड का इस्तेमाल 2.1 प्रतिशत आम बात है। यह स्टडी ओपिओइड संकट से जूझ रहे देशों के लिए एक सस्ता और आसानी से सुलभ विकल्प पेश करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि योग को ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल में शामिल करने से रिलैप्स रेट कम हो सकता है।
