गाजियाबाद। जिले में बिजली उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। पीवीवीएनएल ने बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि स्मार्ट मीटर स्थापित कर रही संस्था या उसके कर्मचारी द्वारा किसी भी प्रकार का शुल्क, माँगा जाता है तो इसकी शिकायत खण्ड, उपखण्ड कार्यालय अथवा विद्युत हेल्प लाइन नं0 1912 पर दर्ज कराई जा सकती है।
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पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि० के गाजियाबाद सहित समस्त 14 जनपदों के अन्तर्गत उपभोक्ताओं के परिसरों पर स्थापित मीटरों को, स्मार्ट मीटर से बदलने का कार्य तेजी से चल रहा है। स्मार्ट मीटर लगाने का काम सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आरडीएसएस के अन्तर्गत किया जा रहा है। इसके तहत सभी परिसरों पर स्मार्ट मीटर तथा आर्मर्ड सर्विस केबिल विभाग द्वारा, निःशुल्क बदले जा रहे हैं।
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पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम (पीवीवीएनएल) के गाजियाबाद क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम जारी है। गाजियाबाद में स्मार्ट मीटर सरकारी कार्यालय, सरकारी आवासों, जनप्रतिनिधियों के यहां भी लगाए जा रहे हैं। सामान्य उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने का काम जारी है। केंद्र सरकार की आरडीएसएस (रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) के तहत स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।
गाजियाबाद के बिजली उपभोक्ताओं के यहां मौजूदा समय में सामान्य मीटर लगे हुए हैं। सामान्य मीटर का बिल मीटर रीडर द्वारा मीटर से रीडिंग लेने के पश्चात बनाया जाता है। कई बार उपभोक्ताओं की शिकायत रहती है कि बिजली के बिल में मीटर रीडर द्वारा कम या फिर ज्यादा यूनिट का बिल बनाया गया है। हालांकि मीटर में शो कर रही रीडिंग कम है।
बिजली बिल में आएगा बड़ा बदलाव
मीटर रीडर द्वारा कम यूनिट का बिल बनाने पर उपभोक्ता का अगले महीने का बिजली का बिल अधिक आ जाता है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद मीटर रीडर द्वारा बिल बनाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। स्मार्ट मीटर में उपभोक्ता को रिचार्ज करना होगा। उपभोक्ता के बिजली उपयोग के अनुसार ही रिचार्ज में से धनराशि की कटौती होती रहेगी। कुल मिलाकर स्मार्ट मीटर में पारदर्शिता बढ़ेगी। इससे बिजली के बिलों में होने वाली गड़बड़ी भी रोकी जा सकेगी।
स्मार्ट मीटर में उपभोक्ता को करना होगा रिचार्ज
आरडीएसएस (रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) सरकार की योजना है। योजना के तहत उपभोक्ताओं के घरों से पुराने मीटर को हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। मुख्यालय से इंटेलीस्मार्ट कंपनी को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने की शुरुआत हो चुकी है। जोन एक में विधायक अजीत पाल त्यागी के निवास पर पहला स्मार्ट मीटर लगाया गया है। इन स्मार्ट मीटर को उपभोक्ताओं को खुद ही रिचार्ज करना होगा।
31 मार्च 2025 तक लक्ष्य
प्रथम चरण में सरकारी कार्यालय, सरकारी आवासों, जनप्रतिनिधियों के यहां लगाए जाएंगे। इसी के साथ सामान्य उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जाने का कार्य भी जारी रहेगा। जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य 31 मार्च 2025 तक निर्धारित किया गया है। कार्य संस्था द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य सुनिश्चित किया जा रहा है।
विद्युत नगरीय वितरण मंडल प्रथम के अधीक्षण अभियंता अशोक सुंदरम ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य सभी जोन में प्रगति पर है। उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाने में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर से संबंधित अगर कोई समस्या किसी उपभोक्ता को होती है तो वो किसी भी कार्यदिवस में सम्पर्क कर सकता है।