देवबंद (सहारनपुर)। सहकारी गन्ना समिति लिमिटेड देवबंद सामान्य निकाय की बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन वर्मा व पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि भाजपा की योगी सरकार ने गन्ने का मूल्य ₹1 कुंतल भी नहीं बढ़ाया है। जबकि गन्ने की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। सरकार गन्ने का लाभकारी मूल्य तो दूर गन्ना किसानों को लागत मूल्य भी चीनी मिलों से नहीं दिला पा रही है।
जिसके कारण गन्ना किसान भारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। गन्ना किसानों के पास अपने बच्चों की फीस, बुजुर्गों की दवा के पैसे और खेती में लागत लगाने के लिए भी पैसे नहीं है। जिसके कारण गन्ना किसानों का गन्ने से मोह भंग होता जा रहा है। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि गन्ने की बढ़ती लागत को देखते हुए गन्ने का लाभकारी मूल्य ₹700 कुंतल किया जाए। चीनी मिलों के कांटों में घटतौली को रोका जाए। पिछले वर्षों में देरी से किए गए गन्ना भुगतान पर लगा ब्याज 15% वार्षिक दर से गन्ना किसानों को चीनी मिलों से दिलाया जाए।
शुगर कंट्रोल ऑर्डर 1966 के अनुसार जो चीनी मिल गन्ना किसानों को 14 दिन के अंदर गन्ना भुगतान नहीं करती हैं उन्हें 15% वार्षिक दर से गन्ना किसानों को ब्याज का भुगतान करना चाहिए। प्रदेश की चीनी मिलों पर बकाया गन्ना भुगतान व ब्याज बकाया होने पर चीनी मिलों को ढुलाई किराया काटने का कोई अधिकार नहीं है। जिसे बंद कराया जाए। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि गन्ना किसानों को मजदूर उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा योजना को सीधा खेती से जोड़कर किसानों को मजदूर उपलब्ध कराए जाएं। कृषि यंत्रों खाद, बीज, ट्रैक्टर, डीजल आदि से जीएसटी व सभी टैक्स समाप्त करके किसानों को उपलब्ध कराए जाएं।
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भगत सिंह वर्मा ने कहा कि संसद में सदस्यों ने अपनी तनख्वाह 24 प्रतिशत बढ़ा ली है तो गन्ना व किसानों की सभी फसलों के दाम भी कम से कम 24 प्रतिशत बढ़ाये जाएं। गन्ने से भाजपा की योगी सरकार को एक्साइज ड्यूटी के रूप में प्रतिवर्ष 50 हजार करोड रुपए राजस्व प्राप्त हो रहा है और गन्ने से बनने वाले 1000 से अधिक उत्पादों पर प्रतिवर्ष एक लाख करोड़ से अधिक जीएसटी सरकार वसूल रही है। इसके बावजूद भी भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की भारी उपेक्षा कर रही हैं। जो अन्नदाता किसानों के साथ भारी अन्याय है। बैठक में समरपाल सिंह, सतीश गुप्ता, मोनू कुमार, अमरनाथ, रणवीर सिंह एडवोकेट यशपाल सिंह, मोहम्मद जाहिद हसन, मोहम्मद महबूब, चंद्रशेखर शर्मा, भगत सिंह, देवेंद्र चौधरी आदि ने भाग लिया।