नोएडा। सेक्टर-94 स्थित चरखा गोलचक्कर के पास तेज रफ्तार एक लैंबोर्गिनी कार चालक ने फुटपाथ पर बैठे दो श्रमिकों को टक्कर मारकर घायल कर दिया। घायलों का एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। इस मामले में घायल एक व्यक्ति के बेटे ने थाना सेक्टर-126 में आज सुबह को मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर लिया है। कार को भी कब्जे में ले लिया है। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया के विविध प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है।
डीसीपी नोएडा रामबदन सिंह ने बताया कि सेक्टर-94 स्थित नवनिर्मित एमथ्रीएम प्रोजेक्ट के पास बाहर बने फुटपाथ पर चार श्रमिक बैठकर बात कर रहे थे। इसी दौरान श्मशान घाट की ओर से तेज रफ्तार लाल रंग की लैंबोर्गिनी कार आई। कार डिवाइडर पर लगे पेड़ से टकराने के बाद लहराती हुई डिवाइडर पर चढ़ गई और अपनी चपेट में दो श्रमिकों को भी ले लिया। एक श्रमिक पास के नाले में गिर गया, जबकि दूसरा श्रमिक सड़क पर गिरकर घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने नाले में गिरे श्रमिक को बाहर निकाला। दोनों घायलों को स्थानीय लोगों ने ही नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया। कार चालक भागने की फिराक में था पर घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने उसे दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया।
घायल मजदूरों की पहचान झारखंड निवासी रंभू और डीजैन रविदास के रूप में हुई है। दोनों के परिजनों को भी हादसे की जानकारी दी गई उन्होंने बताया कि इस मामले में गंगा रविदास ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उनके अनुसार उनके पिता दिजना रविदास अपने साथी मजदूर शंभू कुमार आदि के साथ कैपासील कंपनी में काम करते है। वे लोग एमथ्रीएम कंपनी के बाहर सड़क किनारे बैठे थे, तभी लाल रंग की लैबोर्गिनी कार ने उन्हें टक्कर मार दिया है। कार राजस्थान के अजमेर का रहने वाला 23 वर्षीय दीपक कुमार चला रहा था। उन्होंने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, तथा कार को कब्जे में ले लिया है।
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इस घटना का 51 सेकेंड का एक वीडियो वायरल हुआ है। उसमें दिख रहा है कि हादसे के बाद कार डिवाइडर पर चढ़ी हुई है, और चालक अंदर ही बैठा है। गेट खुलवाकर एक व्यक्ति चालक से कहता है कि उसे जानकारी है कि हादसे में कितने लोग मरे हैं। इसपर चालक कहता है कि उसे किसी के मरने की जानकारी नहीं है। कार के बाहर वाला व्यक्ति चालक से स्टंट करने की बात कह रहा है। दोनों के बीच हो रहे संवाद में कार चालक रेस के लिए एक्सीलेटर बढ़ाने की बात कबूल करता हुआ वीडियो में दिखा है।
पुलिस का कहना है कि दीपक गाड़ियों को खरीदने और बेचने के लिए बतौर ब्रोकर काम करता है। उसने एक व्यक्ति के लिए लैंबोर्गिनी खरीदनी थी। टेस्ट ड्राइव करते समय यह हादसा हुआ। पुलिस का दावा है कि कार चालक ने पूछताछ के दौरान बताया कि अचानक से गाड़ी अनियंत्रित हो गई और उसने श्रमिकों को चपेट में ले लिया। जिस कार से हादसा हुआ है भारत में लैंबोर्गिनी कार की कीमत चार करोड़ से नौ करोड़ रुपये तक बताई जा रही है।