मुजफ्फरनगर में 10 डॉक्टरों की बर्खास्तगी की तैयारी: लंबे समय से चल रहे ड्यूटी से गायब, सीएमओ ने शासन को भेजी सूची
एक डॉक्टर की सेवा समाप्त होने के बाद मचा हड़कंप, शासन ने मांगा लापरवाह डाक्टरों का मांगा था ब्यौरा
मुज़फ्फरनगर/लखनऊ। जनपद के सरकारी अस्पतालों में तैनात होकर सालों से ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहे डॉक्टरों के खिलाफ शासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। मुजफ्फरनगर के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) से बिना लिखित अनुमति अनधिकृत रूप से अनुपस्थित चल रहे 10 चिकित्साधिकारियों के खिलाफ बर्खास्तगी जैसी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की आशंका गहरा गई है। हाल ही में शासन द्वारा जनपद में पूर्व में तैनात रहे एक चिकित्सक की बर्खास्तगी की गाज गिराए जाने के बाद से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। चिकित्सकों के लंबे समय से ड्यूटी से नदारद रहने के कारण जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं और मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है।
आधे से भी कम डॉक्टरों के भरोसे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था
मुजफ्फरनगर जिले में प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा (PMHS) संवर्ग के अंतर्गत स्वीकृत पदों के सापेक्ष आधे चिकित्सक भी कार्यरत नहीं हैं। भारी कमी के बावजूद शासन द्वारा समय-समय पर नई नियुक्तियां की जाती हैं। अमूमन कई डॉक्टर उच्च शिक्षा (पीजी) की पढ़ाई या निजी कारणों से नियमानुसार लिखित अनुमति लेकर अवकाश पर जाते हैं। हालांकि, बड़ी संख्या ऐसे डॉक्टरों की भी है जो बिना किसी सूचना या स्वीकृति के वर्षों से अपनी तैनाती स्थल से नदारद हैं और निजी प्रैक्टिस या अन्य कार्यों में व्यस्त हैं।ये डाक्टर वर्षों से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कई डॉक्टर वर्ष 2018 से लेकर 2023 से लगातार गैरहाजिर चल रहे हैं:
1. डॉ. परिधि: सीएचसी खतौली (01 मई 2018 से गैरहाजिर)
2. डॉ. कुनाल कुमार: पीएचसी छपार (21 मई 2018 से गैरहाजिर)
3. डॉ. अवनी: सीएचसी शाहपुर (21 मई 2019 से गैरहाजिर)
4. डॉ. निधि तोमर: सीएचसी जानसठ (15 अप्रैल 2020 से गैरहाजिर)
5. डॉ. सुचित्रा सिंह: सीएचसी जानसठ (01 अप्रैल 2021 से गैरहाजिर)
6. डॉ. श्रुति आर्य: सीएचसी सिसौली (28 जनवरी 2022 से गैरहाजिर)
7. डॉ. वैशाली भारद्वाज: सीएचसी बुढाना (03 मार्च 2022 से गैरहाजिर)
8. डॉ. शशांक: सीएचसी जानसठ (21 मई 2022 से गैरहाजिर)
9. डॉ. विशाल कांधवे: सीएचसी जानसठ (07 फरवरी 2023 से गैरहाजिर(
10. डॉ. समीर आनंद: पीएचसी बसेड़ा (अनधिकृत रूप से अनुपस्थित)
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मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO), मुजफ्फरनगर का कहना है कि जनपद में तैनात रहे कई चिकित्साधिकारी अनधिकृत रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे हैं। शासन की ओर से ऐसे सभी चिकित्सकों का ब्योरा मांगा गया है। अनधिकृत रूप से नदारद चल रहे डॉक्टरों की पूरी रिपोर्ट तैयार कर शासन को उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके आधार पर आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। श्री पाल से 9899067251 पर संपर्क किया जा सकता है।

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