शिक्षक दिवस पर अखिलेश का योगी सरकार पर बड़ा हमला: बोले- 'बंद स्कूल खुलेगा, तो PDA पढ़ेगा'
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शिक्षक दिवस पर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में बंद किए गए प्राथमिक विद्यालयों को फिर से खोलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही शोषित, वंचित, गरीब और पीड़ित समाज में सामाजिक-राजनीतिक चेतना और जागरूकता पैदा कर सकती है। इसी संदेश के साथ समाजवादी पार्टी शुक्रवार को प्रदेश के बंद प्राथमिक विद्यालयों में ‘पाठशाला पुकारे’ कार्यक्रम आयोजित कर रही है। पार्टी का नारा है— ‘बंद स्कूल खुलेगा, तो पीडीए पढ़ेगा।’ सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्टर जारी कर सरकार पर निशाना साधा है।
उन्होंने लिखा कि उप्र में जो 26 हज़ार प्राथमिक विद्यालय भाजपा सरकार ने बंद किए हैं, उन सभी स्कूलों में समाजवादी पार्टी आज शिक्षक दिवस 5 सितंबर के दिन ‘पाठशाला पुकारे’ कार्यक्रम आयोजित कर रही है, जिसका मूल उद्देश्य ये संदेश देना है कि ‘बंद स्कूल खुलेगा, तो पीडीए पढ़ेगा’। सपा प्रमुख अखिलेश ने कहा कि इस कार्यक्रम के पीछे मूल भावना ये है कि शिक्षा को प्राथमिकता दी जाए क्योंकि शिक्षा से ही शोषित-वंचित, गरीब-पीड़ित समाज में वो सामाजिक-राजनीतिक चेतना और जागरूकता आएगी जो प्रभुत्ववादियों के वर्चस्व को चुनौती देकर भेदभाव को खत्म करेगी, बराबरी लाएगी और समता-समानता पर आधारित ‘सामाजिक न्याय का राज’ लाकर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाएगी, हमारे ‘बंधु राष्ट्र’ के संकल्प को साकार कर दिखाएगी।
इसके पहले अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में उनकी सरकार बनने पर बंद किए गए 26 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालयों को फिर से खोला जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा को प्राथमिकता देने के बजाय सरकारी स्कूलों को बंद कर रही है, जिसका सबसे अधिक असर पीडीए वर्ग के विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षा से ही वंचित और पिछड़े समाज में जागरूकता और सामाजिक चेतना पैदा होगी तथा बराबरी और सामाजिक न्याय की दिशा मजबूत होगी।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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