गाजियाबाद। गाजियाबाद शहर विधानसभा सीट सहित यूपी की दस सीटों पर उपचुनाव की घोषणा कभी भी निर्वाचन आयोग की तरफ से हो सकती है। उपचुनाव सत्तारूढ़ दल भाजपा और इंडिया गठबंधन के लिए किसी प्रतिष्ठा से कम नहीं है। दोनों ही दलों ने उपचुनाव को जीतने की पूरी तैयारी शुरू कर दी है। यूपी विधानसभा उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने अपने मंत्रियों के साथ बैठक की। इस बैठक में सभी मंत्रियों को उपचुनाव जीत की जिम्मेदारी दी गई है।
गाजियाबाद उपचुनाव जिताने की जिम्मेदारी तीन मंत्रियों पर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद शहर सीट के लिए कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा और राज्यमंत्री बृजेश सिंह तथा कपिलदेव अग्रवाल को प्रभारी नियुक्त किया है। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में गाजियाबाद की पांचों विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। गाजियाबाद शहर विधानसभा सीट पर भाजपा के अतुल गर्ग ने 1,50,205 वोट प्राप्त किए थे। अतुल गर्ग ने ये चुनाव 1,05,537 वोट से जीता था। अतुल गर्ग को 61.37% मत प्राप्त हुए थे। लेकिन विधानसभा चुनाव के दो साल के भीतर ही राजनैतिक परिदृश्य पूरी तरह से बदल चुका है।
लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत का अंतर कम हुआ
लोकसभा चुनाव 2024 में यूपी में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। हालांकि गाजियाबाद लोकसभा सीट पर भाजपा ने चुनाव जीता और विधायक अतुल गर्ग सांसद बन गए। लेकिन गाजियाबाद लोकसभा सीट पर भाजपा की जीत का अंतर काफी कम हो गया। गाजियाबाद में इंडिया गठबंधन की प्रत्याशी कांग्रेस नेत्री डॉली शर्मा ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में जहां भाजपा ने गाजियाबाद में पांच लाख से अधिक मतों से चुनाव जीता था। वहीं 2024 के चुनाव में जीत का ये अंतर महज डेढ़ लाख वोटों पर सिमट गया।
भाजपा गाजियाबाद को अपना परंपरागत गढ़ मानती रही है। यहीं कारण है कि गाजियाबाद विधानसभा उपचुनाव में भाजपा किसी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं करना चाहती। जिससे कि पार्टी को गाजियाबाद में नुकसान उठाना पड़े। यही कारण है कि गाजियाबाद उपचुनाव जीतने के लिए मुख्यमंत्री योगी ने दो मंत्री और एक पूर्व मंत्री को लगाया है। मंत्रियों की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं।