नोएडा। डेटिंग साइट पर एक युवती ने नोएडा के सेक्टर-76 के रहने वाले दिल्ली की एक कंपनी के निदेशक को प्रेमजाल में फंसाकर चार माह में 6.50 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। युवती ने पीड़ित पर भावनात्मक दबाव डालकर शेयर ट्रेडिंग सिखाने के नाम पर बाजार में निवेश करवाया। निदेशक को नए-नए प्लान बताकर दो करोड़ तक का मुनाफा होने का झांसा दिया। युवती ने 25 बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करा ली। पीड़ित ने दो करोड़ रुपये कर्ज भी लिया। लगातार रुपये मांगने पर पीड़ित को शक हुआ। युवती के प्रोफाइल की जानकारी जुटाने पर फर्जीवाड़े का पता चला। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने की पुलिस मुकदमा दर्जकर मामले की जांच कर रही है।
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साइबर क्राइम के पुलिस उपायुक्त प्रीति यादव ने बताया कि पीड़ित दलजीत सिंह के अनुसार दिसंबर 2024 में उसकी मुलाकात अनीता से हुई। वह तलाकशुदा है तथा एक कंपनी में निदेशक है। अनीता ने कुछ दिन प्रेम में रखकर निदेशक को विश्वास में लिया। खुद की और परिचितों की मदद से शेयर ट्रेडिंग करने को बोला। पीड़ित ने इनकार किया तो अनीता ने ट्रेडिंग सिखाने के बहाने टेलीग्राम ग्रुप पर जुड़वा दिया।
स्प्रेड एमकेटी डाट काम पर पंजीकरण कराकर चार दिसंबर 2024 को 3.20 लाख रुपये उससे निवेश करवा दिया। पहले दिन ही 24 हजार रुपये का लाभ कमवाया। पूरी धनराशि बैंक खाते में लेकर विश्वास दिलाया। अनीता का निदेशक पर भावनात्मक प्रभाव होने लगा। वह नई-नई योजनाएं निदेशक के सामने रखने लगी। मजबूरी में निदेशक को रुपये ट्रांसफर करने पड़ते कि कहीं अनीता को बुरा ना लग जाए। युवती ठग ने जनवरी-फरवरी 2025 में प्रेड ग्रुप डॉट सीसी व स्प्रेड डीईएक्स डाट सीसी में भी पंजीकरण कराकर निवेश कराना शुरू कर दिया। नए-नए बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर करवाई तो निदेशक के पूछने पर अनीता ने टैक्स बचाने की बात कही।
निदेशक ने एक मार्च को धनराशि निकालने को आवेदन किया तो 30 प्रतिशत कर जमा कराने को बोला गया। निदेशक ने 60 लाख रुपये जमा कर दिए। अनीता ने तीन मार्च को जबरन निवेश कराया और दो करोड़ का लाभ होना बताया। निकासी के एवज में फिर से 60 लाख जमा करवाये। चार दिसंबर से तीन मार्च तक निदेशक अपनी जमा पूंजी और दो करोड़ रुपये कर्ज लेकर कुल 6.50 करोड़ रुपये लगा चुके थे। अनीता के लगातार धनराशि लगाने को कहने पर निदेशक को शक हुआ। अनीता की प्रोफाइल चेक की तो वह फर्जी निकली।
वेबसाइट से अनीता द्वारा कई लोगों को ठगने की जानकारी मिली। उसके बाद निदेशक ने साइबर क्राइम थाने मे जाकर शिकायत की है। डीसीपी ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच कराई जा रही है। ठगी के 25 बैंक खातों की संबंधित बैंक प्रबंधन की मदद से डिटेल जुटाई जा रही है। बैंक खातों को फ्रीज कराने के साथ-साथ ठगों की पहचान और तलाश में टीमें लगी हैं।